पटना : बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी उषा सिन्हा को सोमवार को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया था. मंगलवार को एसआईटी इन दोनों के अलावा इनको शरण देने वाले प्रभात जायसवाल को वाराणसी से लेकर पटना आई थी. पटना लाने पर इन तीनों के साथ अन्य पांच को निगरानी के विशेष कोर्ट में पेश किया गया था. जहां से कोर्ट ने इन सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. बुधवार को एसआईटी ने लालकेश्वर प्रसाद और उनकी पत्नी से पूछताछ को जरूरी बताते हुए रिमांड पर देने की अनुमति कोर्ट से मांगी थी. कोर्ट ने एसआईटी के आवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस रिमांड पर लिए जाने की अनुमति दे दी. एसआईटी ने लालकेश्वर और उनकी पत्नी को शरण देने वाले प्रभात जायसवाल को भी रिमांड पर लिया है.

पुलिस को जांच में मिलेगी मदद
लालकेश्वर प्रसाद, उषा सिन्हा और प्रभात जायसवाल को रिमांड पर लेने से टॉपर घोटाला के जांच ने रफ्तार पकड़ ली है; एसआईटी लालकेश्वर प्रसाद के साथ-साथ उनकी पत्नी से अन्य संपर्कों के बारे में पूछताछ तो करेगी ही. साथ ही लालकेश्वर के काम करने के तरीके के बारे में भी विस्तार से जानकारी हासिल करेगी. एसआईटी बच्चा राय से लालकेश्वर के संबंध, किस तरह टॉपर बनाने का घिनौना खेल चल रहा था, कितने दिनों से ये घिनौना खेल खेला जा रहा था, पैसे का खेल किस तरह चलता था, के आलावा और भी कई सवाल हैं जिसके बारे में एसआईटी तीन दिनों तक लालकेश्वर और उनकी पत्नी से पूछताछ कर सकती है. collage_647_06201610_146663317656_650x425_062316033920इन सबके बीच एसआईटी को लालकेश्वर के अकूत संपत्ति के बारे में भी कई जानकारियां हासिल हुई है. पुलिस इस बारे में उनसे पूछताछ तो करेगी ही, उसके पहले ही ईओयू की टीम उनकी संपत्ति की जांच में जुट गई है.

 

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