सारण/बनियापुर : बिहार के माननिय मुख्यमंत्री जी आये दिन पूर्ण शराबबंदी पर वहाबाही लुट रहे है , लेकिन छपरा कि घटना ने पूर्ण शराब बंदी कि पोल खोल कर रख दी है ,  जिले के बनियापुर में तीन लोगों की मौत संदिग्ध रूप से हो गई है। वहीं, शव को बिना पुलिस को सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर देने की बात सामने आई है। जिसमें स्थानीय मुखिया की सहभागिता की बात भी सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सहाजितपुर थाना क्षेत्र के हाफिजपुर गांव में बुधवार की रात एक-के-बाद एक चार लोगों की मौत हो गयी. मृतकों के परिजन जहां मौत का कारण डायरिया बता रहे हैं, वहीं ग्रामीण स्पष्ट शब्दों में मौत का कारण अत्यधिक मात्रा में जहरीली शराब का सेवन करने की बात कह रहे हैं. सभी मृतक मजदूर वर्ग के हैं, जिनकी दैनिक कमाई से परिवार का भरण-पोषण होता था. मृतकों में 40 वर्षीय हरेंद्र महतो, 50 वर्षीय लाल बाबू शर्मा, 35 वर्षीय मनोज महतो व 60 वर्षीय चंद्रमा साह  शामिल हैं. वहीं गांव के नारायण पांडेय, तारकेश्वर साह, अमीर अंसारी एवं पड़ोस के सहाजितपुर गांव के प्रमोद लाल तथा हाफिजपुर के दिलीप राय   गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां इनकी स्थिति नाजुक बतायी जा रही है. विदित हो कि बुधवार को पड़ोस के गांव सहाजितपुर टोले धातीपर निवासी मंगनी महतो के पुत्र 40 वर्षीय राजेश महतो की मौत में हो गयी थी. वहीं, हाफिजपुर निवासी व राजमिस्त्री का काम करने वाले मृतक हरेंद्र महतो की पत्नी ने बताया कि वह  कार्य से देर रात घर लौटा और तबीयत खराब होने की बात बता बगैर खाना खाये सो गया. रात करीब दस बजे के आसपास उसे काफी

पांच मजदूरों की मौत…

201606231541285420_Three-people-died-from-poisonous-liquor-in-chhapra_SECVPFबेचैनी होने लगी, लगातार दस्त एवं उलटी होने लगी. परिजन स्थिति की गंभीरता को देख इलाज की व्यवस्था करते, तब तक उसने दम तोड़ दिया. कुछ इसी तरह की बात अन्य मृतक के परिजनों ने बतायी. घटना की सूचना पर सहाजितपुर थानाध्यक्ष नित्यानंद प्रसाद एवं बनियापुर थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह दल-बल के साथ गांव में पहुंच पीड़ित परिजनों से बात कर घटना के अनुसंधान में जुटे हैं.

 

थानाध्यक्ष नित्यानंद ने बताया कि पीड़ित के परिजन डायरिया से स्वाभाविक मौत की बात बता रहे हैं. वहीं, तहकीकात में जुटी पुलिस घटना से जुड़े अन्य कारणों एवं चर्चाओं पर पैनी निगाह रख अनुसंधान में जुटी है.

 

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