पटना । बिहार में टॉपर्स घोटाले पर सियासी पारा दिन पर दिन बढते जा रहा है , राजनेताओ द्वारा आरोप प्रत्यारोप दौर शुरू है , वही इस प्रकरण के बाद बिहारियों को दूसरे प्रदेशो में  नामांकन और नौकरी में कड़ी फजीहत झेलनी पड़ रही है , जन अधिकार के राष्ट्रिय अध्यक्ष ने बिहार के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पर भी मुकदमा दर्ज कराने कि मांग कर डाली  , आपको बता दे कि बिहार बोर्ड के पूर्व अध्‍यक्ष लालकेश्‍वर प्रसाद सिंह और बिहार कृषि विश्‍वविद्यालय, सबौर के पूर्व कुलपति मेवालाल चौधरी की नियुक्ति में मोटी रकम की लेन-देन हुई थी। इसलिए तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह कहना है जन अधिकार पार्टी (लो.) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव का।

201606240811116785_Pappu-yadav-demand-case-registered-against-ex-cm_SECVPFगुरुवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि, इन पदों पर नियुक्ति मुख्‍यमंत्री और शिक्षामंत्री की सहमति के बाद ही होती है। इसलिए तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी उन्‍हीं धाराओं के तहत मुकदमा होना चाहिए, जिन धाराओं के तहत बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्‍वर प्रसाद सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। लालकेश्‍वर व मेवालाल की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के मामले में जातीय सरोकार का भी ध्‍यान रखा गया था।

मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि, बिहार इंटरमीडियट का टॉपर घोटाला हो या कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाला, इन सभी का कनेक्शन सत्ता से जुड़ा रहा है। घोटालों में लालकेश्‍वर प्रसाद सिंह, मेवालाल चौधरी, पूर्व विधायक ऊषा सिन्‍हा या बच्‍चा राय की छोटी भूमिका है। जिनकी बड़ी भूमिका है, उन्‍हें सरकार बचा रही है। उन्‍होंने कहा कि तत्‍कालीन शिक्षामंत्री के कार्यकलापों और संपत्ति की भी जांच करायी जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने बताया कि मलाईदार पदों पर नियुक्ति में पैसों का बड़ा खेल होता है और उसका सीधा संबंध सत्ताशीर्ष पर बैठे लोगों से होता है।

 

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