बिहार के जेलों में सरकार की अनूठी पहल अब जेल में बंद कैदी भी अपने परिजनों से बात कर सकते है , बिहार देश का पहला राज्य होगा जहां जेल में बंद कैदी फोन पर अपने परिजनों से बात कर सकेंगे. जेल में बंद कैदी फोन से अपने परिजनों के अलावा अपनी वकील से कानूनी राय भी ले सकेंगे. इस सुविधा के लिए गृह (कारा) विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी है. बिहार के सभी 57 जेलों में कैदियों को ये सुविधा इसी साल सितंबर से मिलनी शुरू हो जाएगी. कैदियों को ये सुविधा देने के लिए गृह (कारा) विभाग बीएसएनएल की मदद से जेल के अंदर पीसीओ लगाने की व्यवस्था कर रही है. जेल में टेलीफोन बूथ की सुविधा
आईजी जेल आनंद किशोर ने बताया कि कैदियों को ये सुविधा देने के लिए गृह (कारा) विभाग ने बीएसएनएल को 9.11 करोड़ रुपये का भुगतान करने जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार के 57 जेलों में कुल 105 टेलीफोन बूथ लगाए जाएंगे. आनंद किशोर ने कहा कि बिहार के सभी 8 केन्द्रीय कारा में तीन, 32 मंडल कारा में दो और 17 उपकारा में एक-एक टेलीफोन बूथ लगाए जाएंगे. इन टेलीफोन बूथों पर इनकमिंग कॉल की सुविधा नहीं होगी. आनंद किशोर ने कहा कि जेल के टेलीफोन बूथ से बात करने वाले कैदियों को अपने परिजनों और वकील के नंबर पहले से जेल प्रशासन को उपलब्ध कराने होंगे.

कैदी को बात करने से पहले इजाजत की जरूरत
जेल आईजी ने ये भी कहा कि जेल में पीसीओ लगाने का मतलब ये कतई नहीं है कि कैदी जब चाहे तब अपने परिजन से बात कर सकता है. कैदी को अपने परिजनों या वकील से बात करने के लिए पहले जेल प्रशासन से इजाजत लेनी होगी. जेल के अंदर बंद कैदी महीने में कितनी बार भी अपने परिजनों या वकील से बात कर सकता है. इसके लिए जेल प्रशासन जल्द ही नियम बनाने जा रहा है. पीसीओ से बात करने के लिए कैदियों को भुगतान भी करना होगा.

बातचीत को रिकॉर्ड में रखने की सुविधा 
आनंद किशोर ने कहा कि जेल के फोन से कैदी की बातचीत पूरी तरह रिकॉर्ड की जाएगी. उन्होंने कहा कि कैदी की परिजनों से हो रही बातचीत के दौरान जेल का कोई न कोई अधिकारी वहां पर मौजूद रहेगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली के तिहाड़ जेल के अलावा कुछ चुनिंदा जेलों में कैदियों के लिए ये सुविधा उपलब्ध है.

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