गोपालगंज के पाण्डेय परिवार ने लगाई हैट्रिक , पुर्व विधायक पुत्र ने दोबारा जीत दर्ज की

 

शैलेश पाण्डेय / बुद्धेश्वर शुक्ल : सुनामी मिडीया ग्रुप, गोपालगंज

 

पिछले महीने से चल रहे इस पंचायत चुनाव रूपी महापर्व का समापन हो गया । काफी गरमा गरम चर्चाओं का दौर उस वक्त थम गया जब जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिये नामांकन प्रक्रिया मे मुकेश पाण्डेय के अलावा किसी अन्य उम्मीद्वार ने अपना नामांकन दाखिल नही किया ।और मुकेश पाण्डेय निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष चुन लिए गए ।वही अपने राजनीतिक जीवन की दुसरी पारी खेलने के लिए उतरे अमीत कुमार  उर्फ अंकुर राय को वंदना सिहं कुशवाहा से कडी टक्कर मिली और काफी उतार चढाव के बाद महज एक वोट से  अंकुर राय ने  उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया । आपको बताते चलें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की शुरुआत होने के बाद पहली बार अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पाण्डेय चेयरमैन बने और फिर 2005 मे हुये विधानसभा चुनाव मे तत्कालीन कटेंया क्षेत्र से चुनाव जीत कर विधायक बने ।पुनः 2006 के पंचायत चुनाव के बाद  उनकी भाभी व बाहुबली सतीश पाण्डेय की पत्नी  उर्मिला पाण्डेय चेयरमैन बनी ।और तीसरी बार 2011 के पंचायत मे कडे मुकाबले मे माफिया विजय सिंह की पत्नी चंदा सिंह ने उर्मिला पाण्डेय को शिकस्त देकर चेयरमैन की सीट पर काबिज हुई ।और पाण्डेय परिवार की सता छिन सी गई पर तत्कालीन चौथे पंचायत चुनाव मे जिला परिषद क्षेत्र संख्या – 18, हथुआ से चुनाव जीत कर बाहुबली सतीश पाणडेय के पुत्र मुकेश पाण्डेय ने जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोकी और फिर जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित भी हुये ।और उपाध्यक्ष पद के लिए राजद नेत्री व पुर्व विधायक किरण देवी के पुत्र अमीत कुमार उर्फ अंकुर राय ने 15 मत , भाजपा नेत्री वंदना सिंह कुशवाहा ने 14 मत और नागेन्द्र प्रसाद को 3 मत प्राप्त हुए और  अंततः अमीत कुमार उर्फ अंकुर राय को उपाध्यक्ष पद के लिये विजयी घोषित किया गया । जिले के दोनो प्रमुख पदों पर इन युवा नेताओं के स्थापित हो जाने से जिले के युवाओं को काफी उम्मीदें है।और अब देखने वाली बात यह होगी कि ये दोनो युवा नेता  अपने कार्यकाल मे जिले को कितना विकसित बनाते हैं ।और जिले की जनता खासकर युवा वर्ग के  उम्मीदों पर कितना खरा उतरते है ।IMG-20160630-WA0045

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