पटना। बिहार में अपराधियों के बहार के बाद अब पुलिसकर्मियों को भी बहार आ गया है पुलिस वाले अपनी दबंगई दिखाने में पीछे नही हट रहे है और न्याय देने वाले जज साहब भी नही बक्शे जा रहे है , बिहार के गोपालगंज में सब जज प्रभुनाथ प्रसाद की पिटाई का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. गोपालगंज सिविल कोर्ट के सीजेएम ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ सम्मन जारी किया है. जबकि इस घटना के बाद से ही गोपालगंज सिविल कोर्ट में सभी न्यायिक कर्मी हड़ताल पर चले गए है. गौरतलब है कि गुरुवार को गोपालगंज नगर थाना के मौनिया चौक पर लगाये गए बैरीकेटिंग के पास एसीजेएम प्रथम, प्रभुनाथ प्रसाद की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी थी.

उसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बिहार के गृह सचिव व डीजीपी को तलब किया है। गुरुवार अपने सरकारी आवास से कोर्ट आने के क्रम में गोपालगंज के सबजज सह एसीजेएम प्रभुनाथ प्रसाद से शहर के मौनिया चौक पर पुलिस कर्मियों ने सरेआम बदसलूकी किया था। इस घटना की सूचना कोर्ट में आने के बाद माहौल बिगड़ गया था, वकीलों ने घटना के विरोध में पूरे दिन कामकाज ठप रखा। जबकि सबजज प्रभुनाथ प्रसाद ने इस संबंध में सीजेएम के न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया था।
आज इस मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीजीपी और गृह सचिव को तलब किया है। कोर्ट ने प्रमंडलीय आयुक्त से भी रिपोर्ट मांगी है, इस मामले पर अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। सबजज प्रभुनाथ प्रसाद के द्वारा जिले के सीजेएम न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया जिसमें दरोगा एके यादव व ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को आरोपी बनाया गया है। सब जज ने आरोप लगाया है कि गुरुवार को उनकी सरकारी गाड़ी खराब थी। ऐसे में वे स्कूटर पर सवार होकर सुबह कोर्ट आने के लिए आवास से निकले। दिन के दस बजकर दस मिनट पर वे जैसे ही शहर के मौनिया चौक पर पहुंचे, वहां पूर्व से तैनात पुअनि एके यादव तथा सिपाहियों ने उन्हें मुख्य पथ से होकर जाने पर रोका। जब उन्होंने कोर्ट जाने की बात कही, तब भी पुलिस कर्मियों ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने एसडीपीओ सदर मनोज कुमार को फोन कर उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी दी। एसडीपीओ से वार्ता के दौरान ही पुलिस कर्मियों ने उनके साथ र्दुव्‍यवहार व गाली-गलौज शुरू कर दिया।
इस संबंध में कोर्ट में दाखिल वाद में उन्होंने सिपाही पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। दायर वाद में दरोगा एके यादव तथा सिपाहियों को आरोपी बनाया गया है। गोपालगंज सिविल कोर्ट के सीजेएम ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ सम्मन जारी किया है।

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