ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर बंधक संकट खत्म कर दिया. लेकिन एबीपी न्यूज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि आतंकियों ने बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के लिए सरकार के सामने शर्तें रखी थी. सबसे अहम शर्त ये थी कि आतंकी अपने कुछ साथियों की रिहाई चाहते थे लेकिन बांग्लादेश की सरकार ने आतंकियों की शर्तें नहीं मानी. शुक्रवार को ढाका के होली आर्टिसन रेस्टोरेंट पर हथियारों से लैस 7 आतंकियों ने हमला कर दिया. अंधाधुंध फायरिंग करते हुए रेस्टोरेंट के अंदर 20 लोगों के बंधक बना लिया. समाचार  सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक बंधकों कि रिहाई के बदले आतंकियों ने बांग्लादेश सरकार के सामने तीन शर्तें रख दीं.

आतंकियों की 3 शर्तें

सुरक्षा बलों से बातचीत में आंतिकियों की पहली मांग थी कि जेल में बंद उसके एक साथी आतंकी को छोड़ा जाए.

* आतंकियों ने इसके बाद दूसरी शर्त रखते हुए कहा कि उसके संगठन को आईएसआईएस से जुड़ा हुआ माना जाए.

* और तीसरी मांग के तहत आतंकियों ने होली आर्टिसन रेस्टोरेंट से सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता देने को कहा.

बांग्लादेश में सबसे बड़ा आतंकी हमला

 

ढाका में हुआ आतंकी हमला बांग्लादेश के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है. इस हमले में एक भारतीय समेत कुल बीस लोगों की मौत हो गई. बांग्लादेश के सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर दस घंटे के भीतर बंधक संकट खत्म कर दिया. जानिए बांग्लादेश में सबसे बड़े हमले की पूरी कहानी…

गोलियों का शोर ढाका के उसी रेस्टोरेंट का है जहां आतंकवादियों ने करीब 13 घंटे तक लोगों को बंधक बनाए रखा. करीब 7 आतंकवादियों ने 1 जुलाई की शाम ढाका के वीआईपी इलाके में स्थित रेस्टोरेंट होली आर्टिसन बेकरी पर हमला किया. आतंकवादियों ने इस इस कैफे को निशाना इसलिए बनाया क्योंकि इसके आसपास करीब 34 देशों के दूतावास और उच्चायोग हैं.

होली आर्टिसन कैफे से 2 किलोमीटर की दूर पर ही भारतीय उच्चायोग है. ठीक उसके पास अमेरिकी दूतावास है. इसके अलावा ब्रिटिश और पाकिस्तानी उच्चायोग भी इस कैफे के इर्दगिर्द हैं. इसीलिए आमतौर पर इस कैफे में दूसरे देशों के राजनयिकों की भीड़ रहती है. जिस वक्त हमला हुआ उस वक्त कैफे के अंदर बांग्लादेशियों के अलावा श्रीलंका, इटली और जापान जैसे देशों के नागरिक मौजूद थे. चश्मदीदों के मुताबिक 1 जुलाई की रात करीब 9 बजे कुछ आतंकी अचानक कैफे के अंदर घुसे.

चश्मदीद के मुताबिक, ”हम अंदर थे तभी 2 लोग आए उन्होने नारे लगाने शुरू कर दिए…उनके पास हथियार थे…मैं चिल्लाया तो कुछ लोग भागे बाकी फंस गए.”

अचानक हुए इस हमले से कैफे के अंदर औऱ बाहर अफरातफरी मच गई. आतंकी हमले की खबर मिलते ही बांग्लादेशी पुलिस और सुरक्षाबल वहां पहंच गए लेकिन आतंकियो ने उन्हें अंदर आने से रोकने के लिए बंधक बनाए गए लोगों को सामने कर दिया. आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में दो पुलिसवाले मारे गए.

IS ने ली हमले की जिम्मेदारी

 

देऱ रात करीब 1 बजे आतंकी संगठन आईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. उस वक्त तक हमलावरों ने सुरक्षाबलों के सामने किसी भी तरह की मांग नहीं रखी थी, जिसका मतलब साथ था कि आतंकी वहां खूनी खेल खेलने के मकसद से ही आए थे. आतंकियों ने जिन लोगों को बंधक बनाया उनके रिश्तेदारों के मुताबिक आतंकी खास तौर से उन लोगों को निशाना बना रहे जो कुरान नहीं पढ़ सकते थे.

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