(मो फिरोज आलम )

सीवान : सिवान कि पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है ,  नगर के सूता मिल के नजदीक से चार अपराधियों की हथियार के जखीरे के साथ  गिरफ्तारी  को पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है. इन तस्करों ने बताया कि फर्जी तरीके से कानपुर गन फैक्ट्री का लाइसेंस निर्गत कराकर बिहार में हथियारों की सप्लाई करते थे,  वैसे भी हाल के वर्षों  में ऑर्डिनेंस फैक्टरी से निर्मित रेगुलर हथियार बरामद होने की यह पहली घटना है. फर्जी लाइसेंस बना कर शस्त्र दुकान से हथियार खरीद कर सप्लाइ करनेवालों का जिले में यह इकलौता गिरोह पकड़ में आया है. अब पुलिस के लिए इस गिरोह का परदाफाश करना बड़ी चुनौती होगी. इसपर सभी की निगाह रहेंगी कि कहीं इसका तार सीवान से भी तो नहीं जुड़ा है.

फर्जी लाइसेंस पर पहले खरीदते थे हथियार, फिर कर देते सप्लाइ : पुलिस की गिरफ्त में आये अपराधी फर्जी हथियार सप्लाइ के गोरखधंधे में जुड़े हैं. पहले तो फर्जी लाइसेंस का निर्माण करते थे. उसके आधार पर लाइसेंसी शस्त्र दुकान से फर्जी लाइसेंस के आधार पर हथियार खरीदते थे. फिर फर्जी लाइसेंस बना कर लोगों को इसे बेच देते थे.

यूपी से बिहार तक फैला है नेटवर्क

हथियार गिरोह का नेटवर्क यूपी से बिहार तक फैला है. उत्तर प्रदेश की दुकान से हथियार खरीदे गये हैं और इसमें उतर प्रदेश की रजिस्टर्ड गाड़ी का ही उपयोग किया गया है. इसमें एक अपराधी यूपी का और तीन अन्य बिहार के खगड़िया जिले के हैं.

क्या कहते हैं एसपी

शस्त्र दुकान को लाइसेंस का वेरिफिकेशन कर ही हथियार व कारतूस बेचना है. ऐसी स्थिति में बरामद हथियार को बेचनेवाला दुकानदार भी दोषी है. उस पर भी मामला दर्ज किया जा रहा है. यूपी जाकर टीम उसके हथियार दुकान के सेल रजिस्टर की भी जांच करेगी. गिरफ्तार अपराधियों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम छापेमारी में जुटी है. इससे हथियार तस्करी के बड़े गिरोह के उद्भेदन की संभावना है.

राजेश कुमार, पुलिस कप्तान, सीवान

 

05_07_2016-weapons

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