मुंबई के मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक के पीस टीवी को बांग्लादेश ने बैन कर दिया है। नाइक के खिलाफ यह शेख हसीना सरकार की पहली बड़ी कार्रवाई है। नाइक के भड़काऊ उपदेशों को लेकर बांग्लादेश और भारत में जांच हो रही है। बता दें कि ढाका हमले को अंजाम देने वाले दो आतंकी उसकी स्पीच से इन्सपायर थे। इसके बाद से नाइक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। भारत में 9 टीमें जांच कर रही हैं।
पीटीआई ने रविवार को रिपोर्ट दी- “बांग्लादेश सरकार ने नाइक के पीस चैनल के टेलिकास्ट पर बैन लगा दिया है।”
इंडस्ट्रियल मिनिस्टर आमिर हुसैन अमू ने बताया- “पीस टीवी बांग्ला पर बैन लगाने का फैसला कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। इसमें लॉ एंड ऑर्डर पर बातचीत हुई।”
बताया जाता है कि यह चैनल दुबई से अपलिंक होता है। यह पूरे एशिया में देखा जाता है।
बांग्लादेश में नाइक के करोड़ों फॉलोअर्स हैं। यह बात खुद नाइक ने एक इंटरव्यू में स्वीकार की।
इस चैनल का भारत में ऑनएअर लाइसेंस नहीं मिला है। कुछ ऑपरेटर इसे दिखाते हैं। भारत सरकार भी इस पर नजर रख रही है
ढाका के टेरेरिस्टों के जाकिर नाइक से प्रभावित होने के बाद एक और खुलासा हुआ है।
बताया जा रहा है कि कल्याण (मुंबई) के रहने वाले 4 स्टूडेंट जो ISIS शामिल होने गए थे, वे भी नाइक से इन्सपायर थे और उसे फॉलो करते थे।
इन 4 लोगों में से एक अरीब मजीद पिछले साल वापस लौटा था। उसे अरेस्ट कर लिया गया था।
अरीब ने पूछताछ में NIA को बताया कि जाकिर नाइक के वीडियो सुनने के बाद भी वह ISIS में शामिल होने गया था।
यह भी बताया जा रहा कि इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़ने वाले लोग भी नाइक से इन्सपायर थे।
IS के मॉड्यूल में शामिल महाराष्ट्र के मालवानी का अयाज सुल्तान भी नाइक की स्पीच से प्रभावित था। सूत्रों के मुताबिक, सुल्तान फिलहाल सीरिया में है।
होम मिनिस्ट्री के ऑफिसर्स के मुताबिक जाकिर नाइक, उसके एनजीओ और सोशल मीडिया में उसकी स्पीच के जांच के लिए 9 टीमें बनाई गई हैं।
इनमें से 4 टीमें सोशल मीडिया पर उसकी स्पीच को खंगालेंगी। स्पीच की स्कैनिंग की जाएगी।
एनआईए की 3 टीमें धर्म परिवर्तन कराने, फंडिंग का पॉलिटिकल यूज करने के आरोपों और नाइक की फोन डिटेल की जांच करेंगी।
-जबकि ईडी की दो टीमें नाइक के एनजीओ को विदेश से मिलने वाली फंडिंग और उसके सोर्सेज की जांच करेंगी।pic-circle-logo-test1Bpic-circle-logo-test1B

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