मध्यप्रदेश में उफान खाती नदियों और लगातार हो रही बारिश ने कहर बरपा दिया है, इसके चलते अभी तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 हजार से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

बारिश के कारण तीन लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। बाढ़ की विकरालता लगातार बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने आपात स्थितियों को देखते हुए इससे निपटने के इंतजाम और तेज कर दिए हैं। 160710013636_bhopal_flood_624x351_epa_nocredit

राज्य में पिछले पांच दिनों से जारी बारिश ने हर तरफ तबाही मचा दी है। भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है जिससे कई जिलों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। खासकर सिहोर, उज्जैन, विदिशा, मंदसौर जिलों में तीन लाख से ज्यादा लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।

प्रशासन की सूचना के अनुसार लगातार बारिश के कारण 25 हजार से ज्यादा घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 18 हजार से ज्यादा घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार अभी तक बाढ़ में फंसे 7500 से ज्यादा लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इनमें से 1450 लोगों को तो पिछले 24 घंटे में ही निकाला गया है।

बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में तो राहत पहुंचाने के लिए सेना भी बुलानी पड़ गई है। उज्जैन में तो बाढ़ के कारण काफी संख्या में मंदिर पानी में आधे तक डूब गए हैं। प्रदेश सरकार बचाव राहत कार्यों में एनडीआरएफ की मदद भी ले रही है।

हालांकि पानी ज्यादा भरा होने के कारण कई जगह एनडीआरएफ को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात बिगड़ते देख मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने भी कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है।

उन्होंने लोगों को तमाम जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का वादा किया है। हालांकि दिक्‍कत ये है कि मौसम विभाग ने अभी अगले कुछ घंटे और भारी बारिश की चेतावनी दी है।

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