श्रावण अष्टमी मेंलों के सफल आयोजन के लिए किए जांएगे पुख्ता प्रबन्ध-उपायुक्त
सहयोग और श्रद्धाभाव से करें सभी अपने दायित्वों का निर्वहन
माल वाहक वाहनों पर श्रद्धालुओं को लाने -ले जाने पर पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
तीसरी आंख रखेगी असमाजिक तत्वों पर पैनी नजर

बिलासपुर 13 जुलाई न्श्रावण अष्टमी नवरात्र मेलों में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और सहजता से उन्हें मां नैनां देवी के दर्शन सुलभ हो सके इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन, मंदिर न्यासी व स्वयंसेवी संस्थाएं पूण तत्परता , सहयोग और श्रद्धा भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करे यह दिशा-निर्देश उपायुक्त रूग्वेद मिलिंद ठाकुर ने आज उतरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैनादेवी जी में आगामी 3 अगस्त से 12 अगस्त 2016 तक आयोजित किए जाने वाले 10 दिवसीय श्रावण अष्टमी मेलों के सफल आयोजन के लिए प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि
मेले के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ या अप्रिय घटना की संभावना न बने इसके लिए सभी प्रकार के पुख्ता प्रयास किए जाएंगे। दर्शनों के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर की गतिविधियों अथवा अनुष्ठानों की जानकायिां उपलब्ध करवाने के लिए ेविभिन्न स्थानों पर स्क्रीनें स्थापित करवाने के भी प्रयास किए जाएंगे ताकि श्रद्धालु मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की घटती-बढ़ती तादाद को स्क्रीन पर देखने के साथ-साथ धैर्य से गंतव्य की ओर बढ़ सकें।
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान नैना देवी के पूरे क्षेत्र को नौ सैक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सैक्टर में सैक्टर अधिकारी तैनात किए गए हैैं । उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए जाएंगे तथा कानून व्यवस्था एवं नागरिक सुरक्षा व यातायात सुचारू व सुनिश्चित करने के लिए पुलिस , होम गार्ड व सेवा दल के जवानों को आवश्यकतानुसार सभी सैक्टरों में तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले के दौरान घवांडल, सिंहद्वार, टोबा तथा बस अडडा में पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएगें जो चैबीसो घण्टे कार्य करेंगे ।
उपायुक्त ने बताया कि यातायात सुनिश्चित करने के लिए टोबा सीमा पर, घवांडल तथा रोप-वे के नजदीक टै्रफिक बैरियर स्थापित किए जाएगें तथा मेले के दौरान ट्रक, ट्रैक्टर, टैम्पू अथवा माल वाहक वाहनों पर श्रद्धालुओं को लाने व ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम व पंजाब रोडवेज द्वारा स्पेशल बसें चलाई जाएगी तथा श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसके लिए निजी बस आपरेटरों को भी अस्थाई परमिट उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंनेे बताया कि कोई भी वाहन घवांडल से उपर नहीं आएगा तथा पार्किंग के लिए छोटी गाड़ियां चिन्हित स्थलों पर ही पार्क की जाएगी ।
उन्होंने बताया कि मेंले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक व विशेष प्रबन्ध किए जाएंगे तथा मौजूदा सफाई कर्मियों के अलावा अतिरिक्त एक सौ अस्थाई सफाई कर्मी भी तैनात किए जाएंगे । उन्होंने कहा कि मेले के दौरान विभिन्न चिन्हित स्थलो पर अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी ताकि गन्दगी न फेैंले।उन्होंने बताया मेले के दौरान घवांडल से रोप-वे तक अस्थाई शौचालय व विद्युत व्यवस्था उपलब्ध करवाने के भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मंदिर क्षेत्र के साथ लगती तीनों पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों से मेले के दौरान अपने-2 क्षेत्रों में उचित सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मेला शुरू होने से पहले जीवन रक्षक व अपातकालीन स्थिति में दी जाने वाली दवाईयों का भण्डारण सुनिििश्चत कर लें। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान आयुर्वैदिक डिस्पैसरी, स्वास्थ्य केन्द्र घवांडल, मातृ आंचल के पास, टोबा, मण्डयाली उप स्वास्थ्य केन्द्र, सिंहद्वार तथा मन्दिर के मुख्य द्वार के पास स्थापित स्वास्थ्य सहायता केन्द्र श्रद्धालुओं के लिए रात-दिन खुलें रहेंगे तथा आपात स्थिति में पांच रोगी वाहन दिन-रात मेले के दौरान तैनात रहेंगे । उन्होंने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रैस्क्यु टीम का गठन किया जाएगा तथा इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य टीम भी तैनात रहेगी जो मेले के दौरान 24 घण्टे मुस्तैद रहेगी।
श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान खादय पदार्थो के प्रयाप्त भण्डारण पर जोर देते हुए उन्होंने सम्बन्धित विभाग को निर्देश दिए कि वे दुकानदारों द्वारा विक्री किए जाने वाले खादय पदार्थो की शुद्धता व गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए समय-2 पर निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त मेले के दौरान रसोई गैस व मिटटी के तेल का भण्डारण भी सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने मेले के दौरान बिजली की समुचित व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं को क्लोरीनयुक्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था को खुले में व बिना अनुमति के लंगर लगाने की ईजाजत नहीं दी जाएगी । सभी दुकानदार व लंगर लगाने वाली संस्थाएं अपने-2 डस्टबिन लगाना सुनिश्चित करंगे जबकि अतिरिक्त सौ डस्टबिन सार्वजनिक स्थानों पर लगाने के लिए उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को निर्देश दिए।
डपायुक्त नेे बताया कि मेले के दौरान मन्दिर में सरकारी तन्त्र को छोड़कर माईक, ढोल, नगाड़ो तथा दुकानदारों द्वारा सीडी कैसेट बजाने के अतिरिक्त बेराईटी शो व गैम्बलिंग पर भी पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा । उन्होंने कहा कि मेले के दौरान असमाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे ताकि मेले का आयोजन सुचारू और सफल हो बनाया जा सके।
इस अवसर पर एसडीएम एवं अध्यक्ष मन्दिर न्यास डा0 हरीश गज्जू ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के सफल आयोजन तथा सुचारू रूप से चलाने के लिए मेला शुरू होने से पहले सभी प्रबन्ध पूर्ण कर लिए जाएंगे तथा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा ।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राहुल नाथ, एडीएम डा0 चांद प्रकाश शर्मा, मन्दिर अधिकारी मदन चंदेल, नगर परिषद अध्यक्ष नैना देवी जी, मंदिर न्यासियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व गैर सरकारी सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे ।

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