बुद्धेश्वर कुमार शुक्ल : सुनामी मिडीया ग्रुप / गोपालगंज

राज्य सरकार और जयप्रकाश विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैये के चलते जिले के हजारो छात्रों का भविष्य अधर मे लटकता दिख रहा है।इसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा ? पिछले साल इन कॉलेजों के सत्र 2014-15 के छात्रों ने हाईकोर्ट मे अपील की थी ।जिसको माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर यह आदेश दिया कि इन नव स्थापित कालेजों को मान्यता देने की जिम्मेवारी विश्वविद्यालय के पास है और मान्यता के अभाव के कारण इन नवसृजित कॉलेजों मे नामांकित छात्रों का परीक्षा विश्वविद्यालय अपने स्तर से कराये ।और फिर विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैये के चलते जिले के कई कालेजों समेत सारण प्रमंडल के 53 नव स्थापित कालेजों मे नामांकित छात्रों का भविष्य अधर मे लटकता दिख रहा है । आपको बताते चलें कि इस मामले में राज्य सरकार ने भी अपने हाथ खडे कर लिये है ,इतने छात्रों के भविष्य बर्बाद होने की संभावना और राजनितिक हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव के सेथिल कुमार द्वारा जेपी विश्वविद्यालय प्रशासन को इन नव स्थापित कालेजों मे नामांकित छात्रों का परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था । हालांकि हाईकोर्ट मे इस मामले चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की हो रही किरकिरी के चलते अपर सचिव ने अपने पुराने आदेश को स्थगित करते हुए नये आदेश मे कहा कि इन सम्बद्ध नव स्थापित कालेजों मे नामांकन की निगरानी और इस पर फैसला लेने का अधिकार विश्वविद्यालय के पास है । और अपने हाथ खींच लिए थे ।
आखिर इन छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड का जिम्मेदार कौन होगा ।

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