बाढ ने मचाई तबाही , सांप-बिच्छुओ के डर के बीच खुले आसमान के नीचे कट रही है रातें

बुद्धेश्वर कुमार शुक्ल : सुनामी मिडीया / कुचायकोट

नेपाल मे हो रही लगातार बारिश के कारण और वाल्मीकिनगर बराज से अधिक मात्रा मे पानी छोडे जाने के कारण गंडक नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है । नदी मे आई बाढ से गोपालगंज जिले के विभिन्न प्रखंडो मे 70 गांवो की लाखों की आबादी प्रभावित हुई है ।कुचायकोट के सिपाया मे रिंग बांध टुटुट ने से सिपाया कृषि केन्द्र,सिपाया राजकीय पालिटेक्निक परिसर जलमग्न हो गया है । कुछ लोग अपने ही हाथों अपना आशियाना तोडने को मजबुर हैं तो कुछ अपना सबकुछ गवां बैठे है।सभी बाढ पिडीतों को आश्वासन के सिवा कुछ नही मिल रहा है ।कुचायकोट प्रखंड के सिपाया बांध पर हजारों की संख्या मे पिडीतों ने शरण ले रखी है ।उन्हे खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड रही है ।पानी मे बह कर आये सांप-बिच्छुओ के डर से नींद नही आती है ।सिपाया बांध पर शरणार्थीयो की माने तो प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कोई सहायता नही कि गई है । उन्होंने बताया कि हमारा घर , चुल्हे, जलावन , सब कुछ बाढ मे बह गया और आज एक पालिथिन के लिये तरस रहे है ।मौके पर जिले के तमाम आलाधिकारी कैम्प किये हुए है ।और नेताओं का आना जाना लगातार जारी है ।पर उनका क्या वे तो चंद घंटों के लिये घडियाली आंसू बहाकर चले जाते है ।नाव की पर्याप्त व्यवस्था नही होने के चलते कई लोग अभी भी अपने छतों पर प्रशासनिक सहायता की बाट जोह रहें है ।

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