केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देकर छिनी करोडों लोगों से रोज़ी रोटी-

पत्रकारों से रूबरू होते हुए बोले स्वदेशी जागरण मंच के पदेश संयोजक-

सुनामी ब्यूरो कुल्लू-

स्वदेशी जागरण मंच के प्रदेश संयोजक डाॅ नरोतम ठाकुर ने कहा है कि केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देकर करोडों लोगों से रोज़ी रोटी छीनने की तैयारी कर रही है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नरोतम ठाकुर ने एफडीआई के मुददे पर प्रैस को संबोधित करते हुए यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि देश को शक्तिशाली बनने के लिए आर्थिक तौर पर भी सुदृड़ होना पड़ेगा, परंतु एफडीआई से करोडों लोग बेरोज़गार हो जाएंगे व आर्थिक रुप से कमजल़ोर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि पदार्थों के वितरण, कृषि , पशुपालन, प्रतिरक्षा, सिक्योरिटी सेवा, ब्राउन फील्ड फार्मा सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाया जाना है। उन्होंने फार्मा सैक्टर का उदहारण देते हुए कहा कि फार्मा सैक्टर में एफडीआई की आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारतीय कंपननियां विश्व स्तर की दवा निर्मित करने में सक्षम है। जानी मानी विदेशी कंपनी नोवाट्रिस द्वारा ग्लीविक नामक कैंसर की एक महीने की दवा 1 लाख 80 हज़ार में बेच रही थी जिसे भरतीय कंपनी सिपला ने मात्र 68 हज़ार में तैयार कर लिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच मानता है कि सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और कृषि पदार्थों के विपणन में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की आड़ में असल में सरकार ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को ही अनुमति दी है जोकि छोटे दुकानदारों की रोज़ी रोटी छीनने जैसे होगा। उन्होंने कहा कि देश के जीडीपी में खुदरा व्यापारी 15 फीसदी का हिस्सा देते हैं, उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने खुदरा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की तैयारी कर इस तबके को बेरोज़गार करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि देश में 1 करोड़ 20 लाख दुकानें हैं 63 लाख ट्रक हैं। कुल मिलाकर 5 करोड़ परिवार खुदरा व्यापार से जुड़े हैं व एक परिवार में 4 सदस्यों के हिसाब से 20 करोड़ लोग हैं, इसमें रेहड़ी फड़ी वालों को मिला लिया जाए तो यह आंकडा 25 करोड़ तक पहुंच जाता है। यानि एक चैथाई जनता सीधे तौर पर एफडीआई से प्रभावित होगी। नरोतम ठाकुर का कहना है कि एफडीआई का विरोध नहीं करते, परंतु जहां आवश्यक नहीं है वहां एफडीआई की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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