हिमाचल प्रदेश:मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कि पत्नी प्रतिभा सिंह से ईडी ने कि पूछताछ

मंगलवार को ईडी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कि पत्नी प्रतिभा सिंह से काफी लम्बे समय तक पूछताछ कि. उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए दो बार ईडी के समक्ष पेश होने से छूट की मांगकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख भी किया ताकि मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त तक उन्हें गिरफ्तार न किया जाए। सोमवार को ईडी ने हाईकोर्ट से कहा कि फिलहाल प्रतिभा को गिरफ्तार करने की उसकी मंशा नहीं है। इससे पहले एलआईसी एजेंट आनंद चौहान द्वारा इस मामले किए गए कुछ खुलासों के बाद आगे की जांच के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी से पूछताछ की गई ,इससे पहले जांच एजेंसी ने वीरभद्र सिंह की करीब आठ करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खुद और अपने परिवार की किसी गलती से इनकार किया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में वीरभद्र सिंह के खिलाफ मामला चल रहा है और ईडी वीरभद्र सिंह व उनके परिवार से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है। पिछले साल सितंबर में इस सिलसिले में सीबीआई द्वारा दर्ज शिकायत का संज्ञान लेते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आपराधिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में पिछले वर्ष दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की थी। वर्ष 2009 से 2011 के बीच उनके पास ज्ञात स्रोतों से 6.1 करोड़ रुपये अधिक पाए गए। ईडी का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने काले धन को भारतीय जीवन बीमा निगम की पालिसियों में लगाया है.
इसी के चलते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत सीबीआई अदालत ने मंगलवार को 22 अगस्त तक बढ़ा दी। आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका कोर्ट में लंबित है और ईडी ने बहस के लिए समय मांगा है।मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे आठ जुलाई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था।

पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष चौहान को न्यायिक हिरासत पूरी होने पर मंगलवार को पेश किया गया। चौहान की जमानत याचिका पर 16 अगस्त को सुनवाई होनी है। ईडी ने जमानत याचिका पर 19 जुलाई को अपना जवाब दाखिल कर अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चौहान ने वीरभद्र सिंह की अघोषित आय को जीवन बीमा में लगवाया और उसके खातों में हेरफेर कर उसके पैसे को खातों में दिखाया है.
ईडी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी जो उनकी घोषित आय से अधिक थी।
चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र के काले धन के करीब पांच करोड़ रुपये एलआईसी की बीमा पॉलिसी में निवेश करवाए है. उसने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी में निवेश करवाया है.

हिमाचल प्रदेश:मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कि पत्नी प्रतिभा सिंह से ईडी ने कि पूछताछ
हिमाचल प्रदेश:मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कि पत्नी प्रतिभा सिंह से ईडी ने कि पूछताछ

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