गोपालगंज : जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार को जांच करने पहुंचे मद्य एवं निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने कहा कि शराब माफियाओं की संपत्ति जब्त होगी. मकान, जमीन और  बैंक एकाउंट सीज होंगे.  खजुरबानी का निरीक्षण करने के बाद2016_8$largeimg220_Aug_2016_060432070 (1) 2016_8$largeimg220_Aug_2016_060432070 ने इलाके की जमीन का सर्वे कराने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस घटना से हमें सबक लेना है.  ऐसी घटना दुबारा न हो, इसको लेकर उन्होंने डीएम राहुल कुमार को आवश्यक कदम उठाने के लिए कई निर्देश दिये.  उन्होंने कहा कि खजुरबानी का जो एरिया है, इससे साफ है कि बड़े ही ऑर्गेनाइज तरीके से यहां शराब  का कारोबार चल रहा था. कार्रवाई के मामले में प्रधान सचिव ने कहा कि अब तक शराब के सात धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है. फरार धंधेबाजों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि नगर थाने के पुलिस अफसरों समेत कई जवानों को निलंबित किया जा चुका है. उत्पाद विभाग के अफसर भी इसमें दोषी हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी.  खजुरबानी में प्रधान सचिव ने जिन स्थलों से शराब बरामद की गयी, उन स्थलों का भी जायजा लिया. छाड़ी नदी जिसमें भारी मात्रा में शराब मिली थी, उसका भी निरीक्षण किया. डीएम राहुल कुमार और एसपी रवि रंजन कुमार ने खजुरबानी में शराब माफियाओं के घरों को दिखाया, जहां से धंधेबाजों की गिरफ्तारी की हुई थी. जहां शराब भट्ठी और चूल्हा ध्वस्त किये गये थे, उन स्थलों का जायजा लेने के बाद गांववालों से प्रधान सचिव ने पूछताछ की. मौके पर उत्पाद अधीक्षक प्रियरंजन समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

जहरीली शराब पीने से दो और की हुई मौत

गोपालगंज : जहरीली शराब पीने से दो और की मौत हो गयी है. इससे मृतकों की संख्या 20 तक पहुंच गयी है. यह संख्या अभी और बढ़ सकती है. हालांकि, प्रशासन अब तक 16 के ही मरने की पुष्टि कर रहा है. सीएम नीतीश कुमार की अपील के बाद दो मृतकों के परिजनों ने शराब से मौत की बात खुल कर कही है. हालांकि, भयभित परिजनों ने मौत के बाद बुधवार को ही अंतिम संस्कार कर दिया था.  नगर थाने के भितभेरवा गांव के निवासी रहमान मियां (40 वर्ष), पिता इद्रिस मियां भी खजुरबानी से शराब पीकर 16 अगस्त को घर पहुंचे थे. शाम में चार बजे उनकी आंख की रोशनी चली गयी. पेट में दर्द होने की शिकायत पर तत्काल परिजन सदर अस्पताल ले गये, जहां शाम सात बजे गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया था. रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी. मौत के बाद परिजन प्रशासन कही कार्रवाई न करे, इसके भय से रातोंरात लाकर शव को दफना दिया गया. वहीं, एक दूसरी घटना में शहर के श्याम सिनेमा रोड में हरिकिशोर प्रसाद (45 वर्ष) पिता आनंदी साह भी खजुरबानी से शराब पीकर लौटे थे.

रात में स्थिति बिगड़ी परिजन डर के मारे अस्पताल तक नहीं ले गये. इस बीच जब स्थिति गंभीर हो गयी, तो सदर अस्पताल में हिम्मत बांध कर गये, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और तुरंत अस्पताल से घर ले जाने को कहा. बुधवार को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया. भय के मारे मौत होने के बाद भी परिजनों ने जुबान नहीं खोला. जब पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पहुंचे, तो परिजनों ने उनके सामने शराब से मौत होने की बात कर कर फफक पड़े. उसी तरह इसलामिया मुहल्ले के जहरूदीन उर्फ ढ़ोढ़ा की मौत भी मौत बुधवार को हुई थी. इसे भी सदर अस्पताल में आंख की जलन और पेट की दर्द की शिकायत पर रेफर किया गया था. गोरखपुर जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गयी थी. यह मैट्रो ट्रेलर के यहां काम करता था. शराब के कारण उसकी मौत हो गयी. हालांकि, अब भी एक परिवार के लोग शराब पीने से मौत से इनकार कर रहे है. चार लोगों का पीएमसीएच में इलाज चल रहा है.

खजुरबानी के सभी घरों पर सामूहिक जुर्माना

पटना : गोपालगंज के खजुरबानी गांव के सभी घरों पर सामूहिक रूप से जुर्माना लगाया गया है. राज्य में पांच अप्रैल से लागू पूर्ण शराबबंदी को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए नया उत्पाद कानून बनाया गया है.

इसमें किसी स्थान पर अवैध रूप से शराब बरामद होने पर पूरे स्थान पर सामूहिक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है. इसके मद्देनजर ही खजुरबानी में मौजूद करीब 20 घरों पर सामूहिक रूप से जुर्माना लगाया गया है.

खजुरबानी में घटनास्थल के पास मौजूद जलकुंभी की उड़ाही शनिवार से शुरू की जायेगी. उड़ाही का यह कार्य स्थानीय अधिकारियों की देखरेख में होगा. आशंका है कि इस जलकुंभी में बड़ी मात्रा में अवैध शराब गाड़ कर रखी हो सकती है. उत्पाद विभाग ने जेसीबी से इस पूरे स्थान की उड़ाही करने का आदेश दिया है.गौरतलब है कि इस स्थान से घटना के बाद हुई तलाशी के दौरान करीब 30 बड़े डब्बों में देशी शराब बरामद हुई है.

केमिस्ट की टीम जायेगी सैंपल एकत्र करने

उत्पाद विभाग शनिवार को केमिस्ट की एक टीम को खजुरबानी रवाना करेगा. यह टीम इस स्थान से बरामद किये गये जहरीली शराब और होमियोपैथी दवा ‘थूजा’ के सैंपल में यह पता लगायेगी कि आखिर इसमें किस केमिकल का उपयोग किया गया था, जिससे पूरा मिश्रण जहरीला हो गया और इतने लोगों की मौत हो गयी.

इसके अलावा इस स्थान से बरामद बड़ी मात्रा में देशी शराब में भी यह पता लगाया जायेगा कि इसमें भी कोई जहरीला पदार्थ है या नहीं. अगर है, तो किस तरह के केमिकल का उपयोग शराब को ज्यादा नशीला बनाने के लिए किया जा रहा था. केमिकल के बारे में जानकारी मिलने के बाद यह पता लगाया जायेगा कि आखिर इसे लगाया कहां से गया था और इसे किस अनुपात में मिलाया गया था.

बिसरा की जांच रिपोर्ट आने में लगेंगे सा दिन

शुरू में जिन सात मृतकों के बिसरा की जांच करने के लिए मुजफ्फरपुर एफएसएल की टीम ने मृतकों का बिसरा और अन्य साक्ष्यों को स्पॉट से एकत्र किया है. उसकी जांच रिपोर्ट करीब सात दिनों में आयेगी. सीआइडी के एडीजी विनय कुमार ने बताया कि एफएसएल को बिसरा की जांच करने में करीब सात दिनों का समय लगता है. इसके बाद ही सही रूप से केमिकल की बात सामने आ पायेगी. यह पता चल सकेगा कि कौन से केमिकल के उपयोग से इन लोगों की मौत हुई है.

जहरीली शराब का 45 बोतल सैंपल सील

गोपालगंज : खजुरबानी में छापेमारी के दौरान जब्त जहरीली शराब को नगर थाने में रखा गया है. शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने शराब के अलग-अलग सैंपल को सील किया. सीजर बना कर इसे विधि  विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जायेगा.

छोटे-छोटे डब्बों में करीब 45 बोतल जहरीली शराब को अनुसंधान केंद्र में भेजा जा रहा है. जांच के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि जहरीली शराब बनाने में किन-किन पदार्थों का प्रयोग किया गया था. हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से देशी शराब के अलावा कई केमिकल की खाली बोतलें मिली थीं, जिनमें सबसे अधिक होम्योपैथिक में इस्तेमाल करनेवाली दवा थूजा-30 मिली थी.

पुलिस को आशंका है कि देशी शराब बनाने में कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल किया गया था. इसके कारण शराब पीने से  20 लोगों की जान चली गयी. जिनकी स्थिति गंभीर है, उनकी आंखों की रोशनी चली गयी है.

उत्पाद विभाग के कई अफसरों पर होगी कार्रवाई

गोपालगंज : नगर थाने के पुलिस अफसरों को निलंबित करने के बाद अब उत्पाद विभाग के अफसरों पर कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है. मद्य एवं निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने पूरे मामले की जांच करने के बाद उत्पाद विभाग के अफसरों को भी दोषी माना है.
प्रधान सचिव ने गोपालगंज में पत्रकारों से कहा कि खजुरबानी में जांच करने के बाद जिलाधिकारी कोकई बिंदुओं पर जांच करने का निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि यहां बड़े पैमाने पर शराब की भट्ठियां चलती थीं. उत्पाद विभाग के अफसरों ने यहां कार्रवाई करना कभी उचित नहीं समझा. ऐसे में पुलिस के अलावा उत्पाद विभाग के अफसर भी दोषी हैं. उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. प्रधान सचिव ने गांव के एक-एक घर में लोगों से बात करने की कोशिश की. लेकिन, कार्रवाई के भय से गांव के लोग घर छोड़ कर फरार हैं.
गांव के दिव्यांग विश्वनाथ शर्मा से प्रधान सचिव ने शराब कारोबार के बारे में पूछताछ की. लेकिन, उसने माफियाओं के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया. विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि साहब दो दिन पहले ही बाहर से घर आया हूं.
उधर, डीएम राहुल कुमार और एसपी रवि रंजन कुमार ने प्रधान सचिव को एक-एक कर सभी शराब माफियाओं के घरों को दिखाया. प्रधान सचिव शराब की ध्वस्त भट्ठियों में गये, जहां काली कोठरी में शराब का काला कारोबार किये जाने का मामला उजागर हुआ. उन्होंने खजुरबानी में छापेमारी के बाद बिखरे पड़े साक्ष्यों को जब्त करने का निर्देश पुलिस अफसरों को दिया. निरीक्षण करने के बाद प्रधान सचिव ने डीएम-एसपी से बातचीत की. इसके बाद पटना लौट गये.

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