केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा……
हिमाचल सरकार ने प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने में प्राप्त की बड़ी सफलता

हिमाचल सरकार ने प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने में प्राप्त की बड़ी सफलता-सत्यब्रत साहु
हिमाचल सरकार ने प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने में प्राप्त की बड़ी सफलता-सत्यब्रत साहु

धर्मशाला, 01 सितम्बर – केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यब्रत साहु ने सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत हिमाचल सरकार द्वारा किए गए कार्यों एवं इस दिशा में अर्जित सफलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि देश को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त बनाने की दिशा में हिमाचल ने बड़ी सफलता प्राप्त की है और प्रदेश ने अन्य राज्यों की तुलना में घरेलू शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य को 90 प्रतिशत से अधिकतर हासिल किया है। साहु आज धर्मशाला के परिधि गृह में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
साहु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में घरेलू शौचालयों के निर्माण कार्य में मिली सफलता में कांगड़ा जिला का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा में 94 प्रतिशत से अधिक घरों में शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है, जिसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि शेष घरों में भी शौचालय निर्माण के लक्ष्य को हासिल कर इसी वर्ष के अंत तक जिला कांगड़ा को सम्पूर्ण रूप से खुले में शौचमुक्त बना लिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य लोगों के सामान्य जीवन स्तर में सुधार लाना और खुले में शौच की प्रवृत्ति को जड़ से खत्म करना है। मिशन के तहत जन जागरूकता पैदा करने के लिए स्वच्छता और साफ-सफाई के कार्यक्रमों से लोगों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को पूर्ण करने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
साहु ने कहा कि उन्होंने पंचायतों को पूर्ण रूप से खुले में शौचमुक्त बनाने के रास्ते में आने वाले अवरोधों एवं कठिनाईयों का जायजा लेने के लिए गत दिन कांगड़ा जिले की कुछ पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रक्कड़, आईमा तथा खलेट पंचायत में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों से बातचीत कर इस संदर्भ में उनकी समस्याएं एवं सुझाव जाने तथा समस्याओं के शीघ्र समाधान को लेकर उन्हें आश्वस्त किया।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे घरेलू शौचालयों के निर्माण के साथ ही सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय बनवाने पर भी बल दें, ताकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सफाई व्यवस्था स्थापित कर सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता मिशन के तहत घरेलू शौचालयों के निर्माण पर बल देने के साथ-साथ ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन प्रणालियों पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन और आस-पास से जुड़ी समस्याओं के सुनियोजित एवं सटीक समाधान के लिए यह आवश्यक है कि विकास योजनाओं के सफल कार्यान्वयन में जन सहयोग एवं जन भागीदारी सुनिश्चित बनाई जाए।
इस अवसर पर मंडलायुक्त नंदिता गुप्ता, संयुक्त सचिव ग्रामीण विकास भूपेन्द्र अत्री, अतिरिक्त उपायुक्त राकेश शर्मा, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता नवीन पुरी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी कुलबीर राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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