सुनामी ब्यूरो पंकज यादव ।

*विधायक मद के राशि का हो रहा बंदरबांट, मामला सामने आने के बाद लीपापोती करने की जा रही कोसिस ।IMG-20160902-WA0001रामानुजगंज:-

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचन्द्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गम्हरिया में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के शिकायतों के शीलसिले में ग्रामीणों ने विधायक मद के राशि बंदरबांट किये जाने का एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है…..|

 

ग्रामीणों का आरोप है की अभी कुछ दिनों पहले विधायक मद से गम्हरिया चौक से मेघुलि मार्ग तक मिटटी सड़क पर मुरमीकरण कार्य की स्वीकृति कलेक्टर द्वारा प्रदान कि गई थी, जिसकी प्रसासकीय स्वीकृति दिनांक 24/09/2014 एवं स्वीकृत राशि 6 लाख रु थी, मगर निर्माण एजेंसी (ग्राम पंचायत) के द्वारा बहुत सातिराना ढंग से एक आदेश पर दो रोड का मुरमीकरण करा दिया गया है, *एक का नाम दिया गया गम्हरिया चौक से मेघुलि मार्ग तक* (जनपद पंचायत के निर्माण कार्यों की सूचि क्रमांक 1112)

 

और दूसरे का नाम दिया गया *गम्हरिया चौक से हाई स्कुल मार्ग तक* (जनपद के निर्माण कार्यों की सूचि क्रमांक 1111)

 

उपरोक्त दोनों निर्माण कार्यों का स्वीकृति क्रमांक एक है, दोनों का स्वीकृति दिनांक एक है, दोनों का स्वीकृत राशि एक है, और दोनों को विधायक मद से ही निर्मित किया गया है

 

फर्क सिर्फ इतना है की एक जमीनी स्तर पर हुआ और दूसरा सिर्फ कागजों पर तैयार कर 6 लाख रु डकार गए जिसकी भनक तक किसी भी अन्य पंचायत पदाधिकारी को नहीं लगी, यहां तक की पंचायत सचिव को भी कानो कान ये खबर नहीं हुई की एक आदेश पर दो कार्य के राशि का बंदरबांट हो गया…..

 

गम्हरिया निवासी RTI कार्यकर्ता श्री शिवशंकर यादव को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने RTI के माध्यम से गम्हरिया चौक से हाई स्कुल मार्ग तक मुरमीकरण कार्य की नक़ल प्राप्त की, निसमें घोर भ्रष्टाचार पाया गया है

1:- फ़ाइल का फ्रंट पेज जो कलेक्टर द्वारा स्वीकृत है, उसमें *मेघुलि मार्ग का जिक्र है* जबकि बाकी के दस्तावेज निरीक्षिण प्रतिवेदन, हस्तांतरण पत्र, मूल्यांकन पत्र, एवं कार्यस्थल पर लगे बोर्ड आदि के समस्त रिपोर्ट में सिर्फ और सिर्फ *हाई स्कुल मार्ग का वर्णन है* ऐसे में ये अंदाज लगाया जा सकता है की कितने सातिराना ढंग से एक आदेस पर दो कार्य की स्वीकृति ले लिए हैं….

2:- उस फाइल में जो पंचायत का प्रस्ताव है ओ तो सबसे अलग है, उसमें न तो मेघुलि मार्ग का जिक्र है और न ही हाई स्कुल मार्ग का जिक्र है, बल्कि उस प्रस्ताव में 13वां वित् से कोड़ाकु पारा में CC  रोड निर्माण कराए जाने का उल्लेख है जो बहुत ही बड़ी कूटनीति को प्रदर्शित करती है, अब जबकि प्रस्ताव में 13वां वित् से कोड़ाकु पारा में  CC रोड निर्माण कराये जाने का प्रस्ताव पारित थी, तो किस आधार पर विधायक मद से मुरमीकरण कराए जाने का स्वीकृति प्रदान किया गया ये भी सवालों के घेरे में है…..

 

हालांकि ग्रामीणों ने  कलेक्टर से इसकी शिकायत कर जांच की मांग की है मगर, पंचायत पदाधिकारियों का व्यान अभी भी समझ से परे है, ज्ञात हो की ग्रामीणों के शिकायत पर गत दिवस 30/08/2016 जिला पंचायत की एक टीम जांच में गम्हरिया भी पहुंची थी, और ग्रामीणों से पूछा गया की हाई स्कुल मार्ग किधर है, तो सबने बस यही कहा की गम्हरिया पंचायत में इस नाम की कोई जगह है ही नहीं, ऐसे में जब सरपंच से पूछा गया की आपने ये निर्माण कहाँ पे कराया है ज़रा दिखाइए, तो उन्होंने गम्हरिया चौक से मेघुलि मार्ग को दिखाकर कहा की यही है हाई स्कुल मार्ग………

 

अब ग्रामीणों का सीधा सवाल ये है की अगर आपके द्वारा बताए गए ओ रोड *हाई स्कुल मार्ग है* तो फिर आप ही बताइये की *मेघुलि मार्ग कहाँ है* क्योंकि आपने दो रोड का निर्माण कराया है

1:- हाई स्कुल मार्ग (सूचि क्रमांक 1111)

 

2:- मेघुलि मार्ग (सूचि क्रमांक 1112)

ऐसे में आप एक ही रोड दिखा रहे है तो दूसरा किधर है….? इस प्रकार ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की सरपंच जी के द्वारा जांच अधिकारी को भ्रमित किया जा रहा है, इसका विधिवत पुनः जांच होनी चाहिए…..

इसी प्रकार विधायक मद से ही एक और 6.95 लाख रु हेरा फेरी किये जाने का आरोप है, ग्रामीणों ने कहा की जिस रोड को 2012-13 में 9.63 लाख की कागत से नरेगा से निर्मित किया गया था उसे महज एक वर्ष के अंतराल में पुनः विधायक मद से भी मुरमीकरण किया गया है जो स्पष्ट करता है की गम्हरिया पंचायत में किस प्रकार से विधायक मद के राशि का बंदरबांट हो रहा है, जो अवश्य ही जांच करने योग्य है…।।।।

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