टांडा अस्पताल में शीघ्र खुलेगा नेत्र बैंक: कौल सिंह ठाकुर
मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी, व्यय होंगे 35 करोड़

धर्मशाला, 14 सितम्बर: स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज टांडा में डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा की रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के वर्ष 2016-17 के लिए अनुमानित 24 करोड़ 96 लाख रूपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार टांडा अस्पताल को सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने पर बल दे रही है। अस्पताल में शीघ्र ही नेत्र बैंक खोला जाएगा, जिससे दृष्टिहीन रोगियों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में 35 करोड़ रूपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई है। अस्पताल में 6 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टांडा अस्पताल में माताओं एवं शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 4 करोड़ रूपये की लागत से मातृ शिशु स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किया जा रहा है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि टांडा अस्पताल में स्किल लैब खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई, जिसके निर्माण एवं अधोसरंचनात्मक विकास व उपकरणों के लिए 2 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। अस्पताल में 4.40 करोड़ रूपये की लागत से बर्न यूनिट स्थापित की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टांडा के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में हृदय रोग पीड़ितों की सुविधा के लिए अति शीघ्र कैथ लैब सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस सुविधा के लिए लगभग 5 करोड़ रूपये व्यय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, यहां 2.75 करोड़ रूपये लागत की ‘फाइब्रोस्कैन’ मशीन भी स्थापित की जा रही है, जिससे लीवर संबंधी रोगों का शुरुआती स्तर पर ही पता लगा पाना संभव हो सकेगा। अस्पताल में पुराने 5 ऑपरेशन थियेटरों को मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर के रूप में स्तरोन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में शीघ्र ही रेडिएशन सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टांडा अस्पताल में गरीब रोगियों की सुविधा एवं कल्याण के लिए पीजीआई चण्डीगढ़ की तर्ज पर आरकेएस के तहत अलग से फंड का सृजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत वे सभी जरूरतमंद एवं गरीब रोगी, जो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पंजीकृत नहीं है, को निःशुल्क दवाईयां एवं स्वास्थ्य उपचार सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नेे प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क मिलने वाली दवाईयों की नामवार सूची मुख्य गेट पर बड़ा बोर्ड लगा कर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके। इसी क्रम में टांडा अस्पताल के मुख्य गेट पर भी बड़ा बोर्ड स्थापित कर निःशुल्क दवाईयों की सूची प्रदर्शित की जाएगी।
बैठक में अस्पताल के सुदृढ़ीकरण एवं रख-रखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को एक करोड़ रूपये की धनराशि प्रदान करने की मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डॉक्टरों और अन्य अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार एवं मारपीट के मामलों का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस प्रकार की घटनाओं को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
उन्होंने डॉक्टरों को संस्थान के भीतर ड्रैस कोड का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में इस वर्ष आउट सोर्सिंग के माध्यम से 50 वॉर्ड अटेन्डेंट रखे जाएंगे। इसी तरह अगले वर्ष भी रोगियों की सुविधा के लिए 50 और वॉर्ड अटेन्डेंट रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन पदों में से 10 प्रतिशत पदों पर उपलब्धता के अनुरूप स्थानीय ग्राम पंचायत सदरपुर के युवाओं को रखने को अधिमान दिया जाएगा।
बैठक में अस्पताल परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से चरणबद्ध तरीके से 50 सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक में अस्पताल परिसर में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित की जा रही 5 दुकानों को रोगियों की आवश्यकता अनुरूप आवश्यक सामग्री, फल एवं सब्जी, दवाई और हजाम की दुकानें स्थापित करने के लिए प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
बैठक में गवर्निंग काउंसिल के गैर सरकारी सदस्यों ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय महाजन ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में उन्होंने यह भी अवगत करवाया कि अस्पताल प्रशासन ने आपसी भागीदारी से मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए प्रसाद सेवा आरम्भ की है, जिसके तहत उन्हें निःशुल्क सुबह का नाश्ता उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इसमें योगदान का आग्रह किया है।
अस्पताल की अतिरिक्त निदेशक प्रशासनिक डॉ. मधु चौधरी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इससे पूर्व, स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में 2.50 करोड़ रूपये की लागत से स्थापित प्रदेश के पहले ‘पैलियेटिव केयर सेंटर’ का विधिवत शुभांरभ किया। इस केन्द्र के माध्यम से लाईलाज रोगियों की सम्पूर्ण देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के पोर्टªेट का अनावरण भी किया।
इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा रितेश चौहान, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान, एसडीएम कांगड़ा देबाश्वेता, नगर परिषद कांगड़ा की अध्यक्ष सुमन वर्मा सहित रोगी कल्याण समिति के गैर सरकारी एवं सरकारी सदस्य उपस्थित थे।

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