विश्व का सबसे ऊंचे खरदुंगला दर्रा प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने किया फतह-
विश्व का सबसे ऊंचे खरदुंगला दर्रा प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने किया फतह-
प्रेस क्लब के बैंरड एबेंसडर किशन लाल ने 18380 फुट दर्रे पर जगाई पर्यावरण की अलख-
ऑस्टे्रलिया,अमेरिका व लेह के पर्यावरण प्रेमियों ने दिया सहयोग-
शीघ्र सियाचिन ग्लेशियर को भी दी जाएगी पर्यावरण की संजीवनी-
सुनामी ब्यूरो कुल्लू (राजीव) हिमालय के ताज लेह-लद्दाख को ऑक्सीजन देने का जो मिशन प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने उठाया है उसकी पहली सीढ़ी पार कर ली गई है। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने विश्व के सबसे ऊंचे दर्रा खरदुंगला पास को फतह कर लिया है। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू बै्रंड एंबैसडर एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद् किशन लाल ने विश्व के सबसे ऊंचे मोटरेबल ंदर्रे खरदुंगला पास जिसकी ऊंचाई 18380 फुट है पर पर्यावरण की अलख जगाई है। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू के बैनर तले क्लब के बै्रंड एबैंसडर किशन लाल ने खरदुंगला दर्रे में सफाई अभियान से हिमालय को ऑक्सीजन देने का बीड़ा उठाया है। इस सफाई अभियान में किशन लाल के साथ ऑस्टे्रलिया, अमेरिका व लेह के प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी भी जुड़े। एक सप्ताह तक चलाए इस अभियान में जहां सबसे ऊंचे दर्रे में सफाई अभियान चलाया गया वहीं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की भी शुरूआत की गई। यहां पर पहुंचे हजारों लोगों को हिमाचलय के ताज की स्वच्छता व हिमालय में पनपने वाली बेटियों के बारे में जागरूक करवाया गया। इस दौरान किशन लाल के साथ ऑस्टे्रलिया के पर्यावरण प्रेमी रूबैन, चार्लस, अमेरिका के क्रिस्टोफर व रौडनी व देहरादून अगाफे स्कूल के निदेशक विक्रांत भंडारी व उनके सहयोगियों ने भी भाग लिया। इस अभियान के तहत प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू खरदुंगला पास, लेह-लद्दाख, चोबलंगसर आदि स्थानों पर व्यापक सफाई अभियान छेड़ा और उसके बाद आगामी रणनीति यहां पर जूनिफर पेड़ लगाने की है। यही नहीं इस अभियान के तहत शीघ्र ही सियाचिन ग्लेशियर पर प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू द्वारा जगाई जा रही है। प्रेस क्लब ऑफ ने सियाचिन ग्लेशियर में इस अभियान को चलाने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस से परमिशन के लिए अप्लाई किया है। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस से परमिशन मिलते ही प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू सियाचिन ग्लेशियर पर चढ़ाई करेगा और यहां पर भी पर्यावरण की अलख जगाई जाएगी।   गौर रहे कि पश्चिमी हिमालय को बचाने के लिए प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू द्वारा छेड़ी गई मुहिम अब रंग लाने लगी है। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू द्वारा लेह-लद्दाख को ऑक्सीजन दी जा रही है। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने निर्णंय लिया है कि हिमालय के ताज को बचाने के लिए लेह-लदख क्षेत्र में हमेशा हरा भरा रहने वाला पवित्र पेड़ जूनीफर उगाया जाएगा। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने इससे पहले क्षेत्र में ट्रायल के आधार पर यह काम शुरू किया था लेकिन अब यह ट्रायल पास हो गया है और बिलो प्रजाति के 150 पेड़ लेह-लद्दाख के चोबलंग क्षेत्र में कामयाब हो चुके हैं। अक्तूबर माह में लेह-लद्दाख में जूनिफर प्रजाति के पेड़ों को उगाने का सिलसिला शुरू होगा। प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू के प्रधान धनेश गौतम ने बताया कि हिमालय विश्व के आधा दर्जन से अधिक देशों की प्यास बुझाता है और सिंचित करता है लेकिन अब बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण हिमालय के ग्लेशियर सिकुडने लगे हैं और भविष्य में मानव जाति के लिए खतरा उत्पन्न होने लगा है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू ने पहले हिमालय के नदियों को बचाने के लिए मुहिम शुरू की और अब हिमालय के ताज लेह-लद्दाख को हरा भरा करने का बीड़ा उठाया है ताकि हिमालय का ताज हरा भरा हो सके और लेह-लद्दाख को ऑक्सीजन मिल सके। यदि लेह-लद्दाख हरा भरा हुआ और यहां को ऑक्सीजन मिले तो वह विश्व के कई देशों में संजीवनी का काम करेगी। उधर, अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद् किशन लाल ने बताया कि जूनिफर पेड़ों की एक ऐसी प्रजाति है जो हमेशा हरा भरा रहता है।
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