बिलासपुर. । 14446124_303054456735282_7926700526826625405_nशहर के मंदिरों में हो रही लगातार चोरी की वारदातों ने पुलिस की नींद हराम कर दी थी। भगवान के घर को ही निशाना बनाने वालों की पुलिस को तलाश थी। आखिरकार बदमाश पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। मंदिरों में चोरी करने वाला और कोई नहीं बल्कि नीरतू का रहने वाला शिव पिता कुंवर सारथी था। वह मंदिरों में चोरी किए माल को बेचने की पिुराक में था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब पौने दो लाख रुपए का माल बरामद किया है।

 

जानकारी के अनुसार शिव सारथी समीप के गांव नीरतू में रहता है। वह दिन के समय रिक्शे में घूमकर रैकी किया करता था। इसके बाद वह रात में नहाकर घर से निकलता। मंदिरों में वह पहले दरवाजों के ताले तोड़ता भगवान को प्रणाम करता और फिर चोरी कर निकल जाता। दान पेटी के पैसे से वह शराब पीता था। शिव सारथी आदतन बदमाश है। पुलिस ने पहले भी उसे फिरौती मांगने के एक मामले में पकड़ा था। उस पर और भी कई प्ररकण दर्ज हैं।

 

इन्हें बनाया था निशाना

शिव सारथी केवल मंदिरों में ही चोरी किया करता था। उसने चार सिंतबर को घुटकु कोनी में महामाया मंदिर, 30 अगस्त की रात को घोंघा बाबा मंदिर, 9 सितंबर की रात बूढ़ी माई मंदिर सरकंडा व 17 सिंतबर की रात को नूतन चौक स्थित सांई मंदिर में चोरी की थी। उसका अगला टारगेट हरदेव लाल मंदिर था। वह बड़े मंदिरों में चोरी कर अमीर बनना चाहता था।

 

ऐसे पकड़ाया

शिव काफी शातिर बदमाश है। उसने मंदिरों में चोरी करने के बाद माल को अपने घर में छिपा कर रखा था। वह उसे बेचने की फिराक में घूम रहा था। उसने चांदी के छत्र आदि बेचने के लिए कुछ जगह संपर्क किया था। इसकी भनक मुखबिर से पुलिस को लग गई। पुलिस ने उस पर नजर रखकर उसे दबोचा। बाद में पूछताछ करने पर शिव पुलिस को गुमराह करता रहा। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने चार मंदिरों में चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया माल बरामद किया गया है।

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