नवीन कुमार /नई दिल्ली :-  केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा दिल्ली के तीनों नगर निगमों के साथ मिलकर आयोजित कार्यशाला में वैज्ञानिक रूप से विकसित साझा आवेदन फार्म के माध्यम से भवन नक्शे की नई मंजूरी स्कीम से सबंधित कई मुद्दों पर आज चर्चा की गयी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ईज ऑफ डूईगं बिजनेस की अवधारणा के अंतर्गत  सिगंल विंडो सिस्टम से ऑन  लाईन भवन नक्शे मंजूरी की आठ अप्रैल 2016 से शुरूआत की गयी है। कार्यशाला में शुरू में उत्तरी निगम के उपायुक्त श्री पी.के. गुप्ता ने स्वागत भाषण में कहा कि ऑन लाईन  सिस्टम का उद्देशय भवन की मंजूरी में लगने वाले समय में कमी लाना, प्रक्रिया आसान करना और कार्यालयों में आवेदकों के आए बिना काम किया जाना है। उन्होंने  कहा कि आवेदन के साथ कम से कम दस्तावेज ऑन लाईन  भेजने  होते हैं एवं शुल्क का भुगतान भी ऑन लाईन  किया जाता है जिसके लिए ऑन लाईन  कैलकुलेटर से गणना की जाती है।दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त डा. पुनीत कुमार गोयल  ने प्रजेंटेशन देते हुए  कहा कि नये सिस्टम को आसान बनाने के लिए सभी सबंधित एजेंसियों से बार बार विचार विमर्श कर साझा  आवेदन फार्म पर आधारित सिंगल विंडो सिस्टम की प्रक्रिया को समाहित किया गया। इससे प्लाट धारकों केा आवेदन जमा कराने के लिए जगह जगह चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। नये सिस्टम में एकीकृत भवन उपनियमों के प्रावधानों को समाहित किया गया है। रिहायशी श्रेणी के भवन नक्शे सात दिनों के भीतर और कुछ मामलों में उसी दिन मंजूर किये जा रहे है। नया सिस्टम प्लाट धारकों में लोकप्रिय हो रहा है। आठ अप्रैल से 1013 मामलों में स्वीकृति दी गयी है जिनमें 668 डिजीटल हस्ताक्षर से जारी किये गये है। 1320 प्राप्त आवेदनों में से केवल 51 रद्द किये गये। रिहायशी, गांव आबादी, इ्रंडस्ट्रीयल, कर्मशियल और वेयर हाउस श्रेणी में भवन मंजूरी मं 10 से 30 दिन का समय लगता है जबकी औसत 14 दिन बनती है डा.गोयल ने बताया कि हमारा निगम इस बारे में नोडल एजेंसी है उन्होने कहा की अब ले आउट  प्लान की मंजूरी भी ऑन लाईन  शुरू की जाएगी। डा. गोयल ने कहा कि 900 आर्कीटेक्ट इस काम के लिए निगम के पास पंजीकृत हैं। नगर निगमों ने भवन नक्शे मंजूर करने का नया सिस्टम रिहाशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, वेयर हाउस, नोटीफाईड कमर्शियल रोड, मिक्स् लैंड यूज, विलेज आबादी, विशेष एरिया और इंस्टीटयूशनल श्रेणियों में  नया सिस्टम लागू किया गया हैं। उन्होने यह भी कहा की अब से कोई आॅफ लाईन भुगतान नहीं लिया जाएगा। कार्यशाला में विभिन्न पक्षों ने अपने विचार रखे ताकि भवन नक्शे मंजूरी के सिस्टम को और सुचारू बनाया जा सके। वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि विश्व बैंक ने भवन नक्शे मंजूरी की सराहना की है। इसे और प्रभावी बनाये जाने की जरूरत है। उन्होने कहा कि आवेदन के साथ 5 से ज्यादा दस्तावेज नहीं होने चाहिए, मंजूरी में पांच से ज्यादा दिन नहीं लगने चाहिए और मंजूरी का शुल्क 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। शहरी विकास मंत्रालय के अपर सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि अब यह धारणा बदल गयी है की निगम काम नहीं करता। उन्होने कहा की नये सिस्टम को राज्यों की राजधानियों समेत 68 शहरों में लागू किया जाएगा। उन्होने कहा कि पिछले वर्ष ईज ऑफ  डूईंग बिजनेस में विश्व में भारत का रैंक 190 देशों में से 183 था। उन्होने कहा कि हम इस रैंक को 50 के भीतर ले आएगें।

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