49वां दुर्गा पूजा समारोह आरम्भ
49वां दुर्गा पूजा समारोह आरम्भ

धर्मशाला, 07 अक्तूबरः दुर्गा पूजा समारोह प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज से तारा मन्दिर घुरकड़ी में आरम्भ हो गया है। यह एकमात्र परम्परागत दुर्गा पूजा समारोह है जो दिनांक 7 से 11 अक्तूबर तक जिला कांगड़ा में समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। इस पूजा में दुर्गा माता एक संकेत मात्र है जिनको महिषासुर मर्दनी के नाम से जाना जाता है तथा इसके साथ ही इनकी दो पुत्रियां लक्ष्मी जी और सरस्वती जी और दो पुत्र कार्तिक जी और गणेश जी भी सम्मिलित किए जाते हैं।
यह जानकारी देते हुए तारा मन्दिर, घुरकड़ी के प्रचार सदस्य एल के घोष ने बताया कि मुख्य समारोह वास्तव में पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है परन्तु अब यह पूरे भारत के साथ-साथ विश्व के विभिन्न भोगों में भी मनाया जाता है। कांगड़ा जिले में इनका शुभारंभ योल नामक स्थान पर 1967 में हुआ था इसके पश्चात इसके स्थानान्तरण तारा मन्दिर घुरकड़ी जिला कांगड़ा में कर दिया गया। यहां परमपूज्य लाल बाबा जी की देखरेख में आज भी प्रचलित है।
शान्ति निकेतन के प्रसिद्ध बंगाली मूर्तिकार श्रीपाल द्वारा महिषासुर मर्दनी दुर्गा जी व लक्ष्मी जी और गणेश जी व कार्तिक जी की मिट्टी की मूर्तियों का निर्माण परम्परागत रूप से किया गया है। इस जिले के सभी बंगाली परिवार एवं स्थानीय निवासी दुर्गा पूजा समारोह में श्रद्धापूर्वक भाग लेते हैं।
11 अक्तूबर, 2016 महादशमी के पर्व पर दुर्गा जी की प्रतिमा का बनेर खड्ड कांगड़ा में विसर्जन किया जाएगा। 15 अक्तूबर तारा मां का पूजन एवं भण्डारा का भी आयोजन किया जाएगा।

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