नवीन कुमार /नई दिल्ली :-उत्तरी दिल्ली नगर निगम की आज की निगम बैठक शुरू होते ही नेता विपक्ष श्री मुकेश गोयल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि वृद्धावस्था पेंशन का अविलम्ब भुगतान किया जाये। उन्होंने महापौर को संबोधित करते हुये कहा कि निगम पिछले ढाई वर्षों से लगभग 75 हजार बुजुर्गों, अनाथों एवं विधवाओं को पेंशन का भुगतान नहीं कर रहा है, जिसके कारण वो दाने-दाने के लिये मोहताज हो गये हैं।इन 75 हजार परिवारों का पेंशन के अलावा रोजी-रोटी का कोई अन्य साधन नहीं है। वो पूरी तरह से निगम की सहायता पर ही निर्भर है। उनके साथ बहुत अन्याय हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों से न तो उनको निगम से पेंशन मिल रही है और न ही दिल्ली सरकार द्वारा भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना था कि दिल्ली सरकार समय-समय पर घोषणा करती रही है कि वह निगम से पेंशन प्राप्त कर रहे सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन का भुगतान करेगी। किन्तु उनकी घोषणा केवल राजनीतिक घोषणा ही बनकर रह गई है। किसी भी बुजुर्ग अथवा विधवा स्त्री को दिल्ली सरकार द्वारा पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है। ऐेसे सभी व्यक्ति भुखमरी के कगार पर है और बड़ी आशा से निगम पार्षदों के घरों के चक्कर लगा रहे है। उन्होंने मांग की कि सभी पेंशन पाने वालों बुजुर्गों, अनाथों और विधवाओं आदि को दीपावली से पहले-पहले पेंशन का भुगतान कर दिया जाये।श्री मुकेश गोयल एवं अन्य कांग्रेसी पार्टी के पार्षदों की इस मांग का सत्ताधारी दल के अनेक पार्षदों ने भी समर्थन किया। पार्षदों की भावना को ध्यान में रखते हुये महापौर महोदय ने आयुक्त को निर्देश दिया कि सभी पेंशनभोगियों को तीन महीने की पेंशन का भुगतान कर दिया जाये। किन्तु श्री मुकेश गोयल और कांग्रेस पार्टी के अन्य सदस्य इससे संतुष्ट नहीं हुये। उन्होंने मांग की कि सिर्फ तीन महीने की पेंशन भुगतान करने से गरीबों की समस्या हल नहीं होगी। इसलिये अब तक जितनी भी पेंशन बकाया है, उसका पूर्ण भुगतान किया जाये।जब महापौर इस मांग से सहमत नहीं हुये तो कांग्रेस पार्षदों ने पेंशन का पूर्ण भुगतान करने के लिये नारेबाजी शुरू कर दी और कहा कि यदि पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो सदन नहीं चलने दिया जायेगा और नारेबाजी शुरू कर दी। जब पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी तो महापौर ने सदन को 5 मिनट के लिये स्थगित कर दिया।बैठक फिर शुरू होने पर भी कांग्रेसी पार्षद इस बात पर अड़े रहे कि पेंशन की पूरी बकाया राशि का भुगतान किया जाये। जब महापौर ने देखा कि कांग्रेसी पार्षद पेंशन की पूरी बकाया राशि के भुगतान की अपनी मांग से टस-से-मस नहीं हो रहे है तो उन्होंने मध्य मार्ग निकाला और आयुक्त को निर्देश दिये कि सदन की भावना को ध्यान में रखते हुये कम से कम 6 महीनों की और यदि हो सके तो इससे भी अधिक अवधि की पेंशन का भुगतान अधिकतम 15 नवम्बर, 2016 तक कर दिया जाये।

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