युद्ध संग्रहालय निर्माण में होगा वास्तुकला संबंधी सौंदर्य और जन संवेदना का मेल : सुधीर शर्मा

धर्मशाला, 17 अक्तूबरः शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में लगभग 10 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे भव्य युद्ध संग्रहालय का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। संग्रहालय को अनूठा स्वरूप देने के लिए सेना के सेवानिवृत अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं अन्य लोगों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए एक कोर कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों, सेना के सेवानिवृत अधिकारियों तथा संग्रहालय निर्माण का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इस कोर कमेटी के तहत कमेटी सदस्य दो उप समितियां बनाकर संग्रहालय के बाहरी स्वरूप और अंदरूनी स्वरूप एवं व्यवस्था के बारे में अपने सुझाव एवं संस्तुतियां देंगे।
सुधीर शर्मा आज यहां युद्ध संग्रहालय के निर्माण की प्रगति एवं इसे विश्व स्तर का बनाने के लिए आवश्यक कदमों को लेकर विचार-विमर्श के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
शर्मा ने कहा कि युद्ध संग्रहालय भारत के युद्धों और संघर्षों की शिक्षा एवं देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी चीजों के संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और सैन्य साजोसामान की प्रदर्शनी करने वाला संस्थान होगा। प्रदेश सरकार ने लोगों को भारतीय सेनाओं के समृद्ध इतिहास और देश के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले शहीद जवानों की स्मृतियों को संजोने एवं अधिक से अधिक लोगों को इस बारे में अवगत करवाने के उद्देश्य से यह युद्ध संग्रहालय बनाने का प्रशसनीय निर्णय लिया है।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय अपने आप में अनूठा होगा और भारतीय सेना के उत्थान तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सेना के अनुकरणीय योगदान को समेटे हुए होगा। बड़ी संख्या में धर्मशाला आने वाले पर्यटकों के लिए यह युद्ध संग्रहालय एक दर्शनीय स्थल प्रतीत होगा। इसमें वास्तुकला संबंधी सौंदर्य और जन संवेदना का मेल होगा और इसे एक ऐसी जगह के तौर पर विकसित किया जाएगा जहां लोग सैनिकों और राष्ट्र की सुरक्षा में किए गए उनके असाधारण प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे।
इस युद्ध स्मारक में विभिन्न युद्धों को भी दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्ध संग्रहालय में विभिन्न अन्य प्रबंधों के साथ-साथ लोेगों के लिए सेना से जुड़ी विभिन्न घटनाओं की ऑडियो-वीडियो के  माध्यम से प्रदर्शन की भी सुविधा रहेगी, ताकि यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ एक जीवंत अनुभव लेकर जाए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में दिन एवं रात्रि के समय विशेष प्रकार की लाईटिंग, संगीत एवं साउंड की व्यवस्था रहेगी।
बैठक में संग्रहालय के स्वरूप, साज-सज्जा, दुर्लभ फोटोग्राफ्स प्रदर्शित करने, वीर शहीदों की मूर्तियां, जीवन गाथाएं, भारत के युद्धों और संघर्षों की शिक्षा एवं देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी चीजों के संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और सैन्य साजोसामान की प्रदर्शनी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपस्थित सेना के सेवानिवृत अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा सीपी वर्मा, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, अतिरिक्त उपायुक्त राकेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एसके गंजू, सैनिक कल्याण विभाग के उप-निदेशक स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा, स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर द्विवेदी, शहीद विक्रम बत्रा के पिता जीएल बत्रा, शहीद स्मारक धर्मशाला के प्रबंधक कर्नल जय गणेश, युद्ध संग्रहालय निर्माण में अनुभव रखने वाली विशेषज्ञ राधिका शर्मा सहित सेना के अलग-अलग अंगों से सेवानिवृत अधिकारी एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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