(शैलेश कुमार पाण्डेय )

गोपालगंज / हथुआ : सुनामी टाईम्स के पिछले पांच अंको से आपने पढ़ा है  हथुआ राज के काले करतूतों के बारे में जिसमे पूर्व हथुआ राज परिवार  सारे नियम और कानूनों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी चला रहा है , सरकारी जमीनों पर  कब्जा जमाकर अपना ब्यवसाय चला रहा है , सरकार और प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है ,  पूर्व हथुआ राज द्वारा संचालित इम्पीरियल पब्लिक स्कूल जिस भूमि में चल रहा है वह जमीन पूर्ण रूप से सरकारी है , वही थावे में सरकारी जमीन पर पूर्व हथुआ राज अपना पांच सितारा होटल का निर्माण करा रहा है,  जिस सर्वे नम्बर में हथुआ राज अपना होटल का निर्माण करा रहा है उसी सर्वे नम्बर में थावे का  प्रखंड कर्यालय, संकुल संसाधन केंद्र आदि सरकारी कर्यालय भी अवस्थित है , जिससे यह स्पष्ट रूप से साबित होता है कि हथुआ राज द्वारा नवनिर्मित पांच सितारा होटल भी पूर्ण रूप से सरकारी जमीन में ही  है , वही  थावे स्थित माँ दुर्गा के मंदिर के गर्वगृह में अग्रेजो के चमचे पूर्व हथुआ राज परिवार के पूर्वजो का फोटो लगा हुआ है , जब कोइ भक्त जन माँ के दर्शन के लिए मंदिर में जाता है तो माँ के दर्शन के पूर्व अग्रेजो के चमचे पूर्व हथुआ राज के पूर्वजो का दर्शन पहले करता है , जो कि माँ के भक्तो के भवनाओं के साथ खिलवाड़ है ,

हथुआ राज के काले करतूतों के खिलाफ फिर से उठी सीबीआई जाँच कराने की मांग .

  • राष्ट्रपति , उच्चतम न्यालय के प्रधान न्यायधीश को भेजा गया मांग पत्र .
  • सीबीआई जाँच से हो सकता है अरबों रूपये की धांधली का खुलासा
  • जाँच के दायरे में आ सकते है जिले के कई वरीय अधिकारी से लेकर नेता.
  • आखिर सरकारी सम्पति पर कैसे किया गया कब्जा .

हथुआ : आजादी के बाद से आजतक अपनी स्टेट और अपना कानून कायम करने में माहिर हथुआ राज के काले करनामें कि जाँच सीबीआई से कराने कि मांग समाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कुमार मिश्रा ने कि है , अपने लिखे गये शपथ पत्र में उन्होंने जिले के वरीय अधिकारियो से लेकर न्यालय द्वारा जारी आदेशो को संलग्न किया है , श्री मिश्र ने अपने द्वारा लिखे गये शपथ पत्र में लिखा है कि अगर अतिशीघ्र सीबीआई जांच कराकर हथुआ राज के खिलाफ करवाई नही कि गयी तो हाईकोर्ट कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी . उन्होंने अपना पत्र महामहिम राष्ट्रपति , उच्चतम न्यालय के प्रधान न्यायधीश , सीबीआई के महानिदेशक , बिहार के मुख्यमंत्री , राज्यपाल सहित पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश को अलग – अलग पत्र लिखा है , वही इसके पूर्व में भी हथुआ संघर्ष समिति के द्वारा हथुआ राज के काले करनामे के खिलाफ सीबीआई से जाँच कराने कि मांग कि गयी है , अगर सीबीआई इनके काले करनामो कि जांच करती है तो , हथुआ राज द्वारा  सरकार और आम जनता से किस तरह  धोखा कर अपना राजतंत्र कायम रखा है यह स्पष्ट हो जाएगा , साथ ही जिले के कई वरीय अधिकारियो से लेकर जनप्रतिनिधियो कि पोल भी जनता के सामने खुल जाएगी .

जाने आखिर क्या है आरोप ?

जब वर्ष 1952 में देश भर के राज्य , रियासत और जमींदार सारकार में विलीन हो गये , लेकिन हथुआ राज्य भारतीय संबिधान को खुलेआम ताक पर रखकर अपने राज और राजतंत्र को कायम कर रखा है , हथुआ राज का एक इंच जमीन सरकारी होते हुए भी सरकार अपने कब्जे में नही ले रखी है , आज भी हथुआ राज परिवार ढाई हजार एकड़ जमीन पर फर्जी तरीके से अपने करीबी और रिश्तेदारों के नाम कर कब्जा जमाए हुए है , आपको यहा फिर बता दे कि हथुआ राज कचहरी , थावे दुर्गा मंदिर ,गोपालमंदिर , कोयलादेवा मठ, आदि पूर्ण रूप से सरकारी है इन सभी जगहों पर आज भी हथुआ राज का कब्ज़ा है , हथुआ राज परिवार के वर्तमान वंशज मृग्रेंद्र प्रताप शाही व दुर्गेश्वरी शाही द्वारा लगभग दस बैंको से एक ही सरकारी जमीन पर करोड़ो का लोन लिया गया है , अपने धन – बल के बूते स्थानीय प्रशाशन से रिकार्ड गायब कराना और सारकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ करना हथुआ राज परिवार कि पुरानी आदत है .

आखिर हथुआ राज द्वारा कहाँ गायब कि गयी विक्टोरिया की  मूर्ति ?

(मानवेन्द्र मिश्रा )88325301 111067583-1

हथुआ में वर्ष 1858 में ब्रिटिश इंडिया गवर्नमेंट ने एक सौ बेड का अस्पताल अत्याधुनिक किस्म से बनाया , जिसका नाम अग्रेजो के चापलूसी में महारानी विक्टोरिया मेमोरियल हास्पीटल रखा गया था , वही हथुआ के प्राचीन हाई स्कूल जिसका वर्तमान नाम डा० राजेन्द्र प्रसाद हाई स्कूल है , इसका पूर्व नाम अग्रेजो को खुश करने के लिए लार्ड इडेन के नाम पर इडेन हाई स्कूल रखा गया था , अग्रेजो द्वारा हॉस्पिटल के कैम्पस में महरानी विक्टोरिया की आदमकद प्रतिमा लगवाई थी , जो बेशकीमती पत्थर से बनी थी , आजादी के बाद यह सरकारी अस्पताल हो गया , सारकार ने इसे अनुमंडलीय अस्पताल  घोषित कर दिया , आज भी इस अस्पताल का भवन किसी मेडिकल कालेज से कम नही है , लेकिन डाक्टरों की कमी के कारण यह अस्पताल अपनी दुर्दशा पर आसू बहाने के लिए मजबूर है , वर्ष 1990 दशक के पूर्व हथुआ राज के वारिशो ने रातो – रात चोरी से महरानी विक्टोरिया की कीमती मूर्ति को चुराकर गायब कर दिया  , जिसको लेकर हथुआ में आन्दोलन भी हुआ , इस आन्दोलन को हथुआ राज और सारकारी अफसरों के मिलीभगत से दबा दिया गया , हथुआ राज के करीबियों का कहना है कि वह कीमती मूर्ति  पटना के रामबाग में छुपा कर रखी गयी है , जबकि यह मूर्ति राष्ट्रिय धरोहर है , यह मूर्ति अभी के समय में अरबो – खरबों में नीलाम हो सकती है , हथुआ राज परिवार अपने अपने काले करतूतों के बल पर हथुआ , थावे सहित जिले के विकास में बाधक बना हुआ है , जिले के एकलौते हथुआ स्थित आईटीई को हटाने के लिए हथुआ राज के वंशज अपना प्रयास जारी कर दिए है , जबकि आईटीआई की जमीन पूर्ण रूप से सरकारी है , वही गोपालगंज स्थित जिले के एक मात्र केन्द्रीय विद्यालय के लिए आज भी जमीन उपलब्ध नही है , यह विद्यालय भीएम० इंटर कॉलेज के कैम्पस में किसी तरह से चल रहा है , जमीन के अभाव में यह विद्यालय अत्याधुनिक संसाधनों की कमी झेल रहा है , जबकि इस विद्यालय के अध्यक्ष जिलाधिकारी महोदय है , लेकिन साहब को जिले में केन्द्रीय विद्यालय के लिए जमीन ही नही मिल रहा है , जबकि जिले भर में हथुआ राज परिवार हजारों एकड़ सारकारी जमीन पर अपना कब्जा जमाए हुए है .

 

सुनामी के अगले अंक में सुनामी के पाठक जरुर पढ़े की कैसे एक छोटे जमींदार से अग्रेजो की चापलूसी कर कैसे बने हथुआ के राजा ………..

 

  

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