मनोज मिश्र
राज्य में बालू की अवैध ढ़ुलाई रोकने के लिए पाँच चेकपोस्ट बनाए जायेंगे। जिन जिलों में बालु का अधिक खनन होता है, ऐसे 5 जिलों में पहले चरण में चेकपोस्ट बनाए जायेंगे। यह जानकारी खान एवं भू-तत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी ने 26 अक्टूबर दिन बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किसी भी सूरत में बालू का अवैध खनन नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए बांका, रजौली, डोभी, सिवान व जलालपुर (छपरा) में चेकपोस्ट बनाए जायेंगे। विभाग को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं। इन जगहों पर विभागीय अफसरों के अतिरिक्त सैफ के जवान व वाणिज्य कर विभाग के लोग भी रहेंगे। इससे काफी हदÞ तक बालू के अवैध परिवहन व ढ़ुलाई पर रोक लग सकेगी। बालू बिक्री में मनमानी कीमत वसूलने की शिकायत लोग विभाग में कर सकते हैं। साथ ही श्री चौधरी ने कहा कि जिलों में बालू के अवैध खनन पर जिलाधिकारी व आरक्षी अधीक्षक उत्तरदायी होंगे। विभाग अवैध खनन को रोकने के लिए उन्हे बराबर निर्देश भेजता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बांका में बालू के अवैध खनन को लेकर दिये गए निर्देश के बाद खनन मंत्री ने 26 अक्टूबर दिन बुधवार को सभी वरीय अधिकारियों को तलब किया और उन्हें हर हाल में मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन की ताकीद की गयी। बाद में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने एक कमीटी बनाई है। अधिकारियों की टीम बांका भी जायेगी और पूरे मामले की जाँच करेगी। वहाँ से शिकायत आई थी कि ट्रक ड्राईवरों से ज्यादा पैसे लिया जा रहा है जबकि बालू की बिक्री दर 650 प्रति 100 क्यूबिक फीट निर्धारित की गई है। यह पिछले साल से 10 फीसदी अधिक है जबकि ड्राईवरों की मानें तो हर घाट पर बालू संवेदक द्वारा 1000 से 1200 रूपया प्रति ट्रैक्टर लिया जाता है और 650 रूपये का चालान दिया जाता है। वहीं ग्रामीण सूत्रों की मानें तो बालू घाट संवेदक और माफिया की उपर तक पहुँच है। इसके कारण न तो घाट से ओवरलोडिंग रूकती है और न अवैध खनन। ऐसे में बालू घाटों संवेदक और ट्रक दोनों से वसूली हो जाती है। ओवर लोडिंग के नाम पर पुलिस भी बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली करते हैं। इस आरोप में कई पुलिसकर्मी निलंबित हुए हैं तो कई को जान भी गवानी पड़ी है। ट्रकों को पकड़ कर ओवरलोडिंग के एवज में फाईन की वसूली भी होती है। जबकि इसके पूर्व कोतवाली-अमहरा पॉलिटेक्निक कॉलेज के उद्घाटन मंच से 25 अक्टूबर 2016 दिन को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बांका में हो रहे बालू के अवैध खनन की उन्हें भी जानकारी है डीएम और एसपी इसे रोकें। चाहे कोई भी हो कार्यवाई करें वरना अधिकारी पर कार्यवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान जनसभा में कुछ लोगों ने हाथ में तख्ती लेकर बालू के अवैध खनन और ओवर लोडिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह देखकर मुख्यमंत्री ने डीएम और एसपी को पुलिस मुख्यालय व जिले के कंट्रोल रूम का नम्बर सार्वजनिक करने का निदेश दिया ताकि आम जनता प्रशासन को सही समय पर सूचना दे सके और देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए। जबकि पूर्व से चले आ रहे खनन माफियाओं के खिलाफ खान भू-तत्व विभाग ने सघन अभियान चला कर 37 लोगों को गिरफ्तार किया है। अवैध खनन करने वालों को खान विभाग ने सिर्फ गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि आरोपियों से 1.36 करोड़ का जूर्माना भी वसूला है। 40 दिनों के विशेष अभियान में खान भू-तत्व विभाग ने अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक 97 छापेमारी की थी। खान भू-तत्व विभाग के सघन छापेमारी अभियान में गया, नालंदा, वैशाली और भागलपुर में सबसे अधिक खनन के मामले पकड़ में आए।वहीं भागलपुर व बांका में पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने बालू माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। एसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारियों को कार्यवाई का निर्देश दिया गया है।इस लिए सरकार तथा स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि घाटों से ओवरलोडिंग रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यक्ता है।
सीएम की नाराजगी के बाद खनन मंत्री ने बुलाई बैठक और कहा शिकायत पर होगी कार्रवाई।
मंत्री मुनेश्वर चौधरी ने कहा कि सूबे में अवैध बालू खनन नहीं हो रहा है, जो कुछ मामले सामने आ रहे हैं उस पर कार्रवाई हो रही है। अवैध खनन रोकना जिला प्रशासन व जिला पुलिस की जिम्मेदारी है ऐसे में कहीं गड़बड़ी पाई जाएगी तो उनकी भुमिका की भी जाँच होगी।balu

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