सांसद शान्ता कुमार ने की हिमाचल सरकार के प्रयासों की सराहना
सांसद शान्ता कुमार ने की हिमाचल सरकार के प्रयासों की सराहना

धर्मशाला, 5 नवम्बर- सांसद शान्ता कुमार ने बेस लाईन सर्वे 2012 के अनुसार हिमाचल प्रदेश को पूर्णतः बाह्य शौचमुक्त बनाने की मुहिम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हिमाचल सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आन्दोलन के रूप में कार्य किया तथा प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण समर्पर्ण एवं समन्वय से कार्य किया है, जो प्रशंसनीय है। इसके साथ ही उन्होंने 2012 के बाद बने नये घरों में शौचालय निर्माण की स्थिति का पता लगाने की दिशा म कार्य करने का भी आग्रह किया। वे आज यहां जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक की अध्यक्षता करते हुये बोल रहे थे।
    शान्ता कुमार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत ऐसी जगहों पर जहां सार्वजनिक शौचालयों की आवश्यकता है, शौचालयों का निर्माण कार्य प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए कहा कि संबंधित पंचायतों के पूर्णतः बाह्य शौचमुक्त होने का बीडीओ से सत्यापित प्रमाणपत्र उन्हें सौंपने पर वे अपनी सांसद निधि से उन पंचायतों को 5-5 लाख रूपए की धनराशि प्रदान करेंगे।
    उन्होंने केन्द्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और निर्धनतम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिये।
    शान्ता कुमार ने  बैठक में जिला में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के दौरान मनरेगा योजना का उल्लेख आने पर कहा कि इस योजना का लक्ष्य जरूरतमंद लोगों को रोजगार देना तो है ही, साथ ही यह भी आवश्यक है कि इसके अन्तर्गत किये जाने वाले कार्य धरातल पर दिखें। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत नये सम्पर्क मार्गों के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अगली बैठक में अपने-अपने विभाग से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों का ब्यौरा प्रस्ततु करने के निर्देश दिये। उन्होंने लाभार्थियों की सफलता कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि केन्द्र सरकार की जिन योजनाओं में पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं हुआ है, उसके बारे में सम्बन्धित विभाग विस्तृत नोट बनाकर उन्हें दें। वे भारत सरकार से इस संदर्भ में बात करेंगे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त धन को तय समय सीमा में व्यय किए जाने की क्रियाविधि विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि लोगों को विकास योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिलना सुनिश्चित हो।
उन्होंने पंचायती राज विभाग को प्राप्त धन को विकास कार्यों में व्यय करने को लेकर योजना निर्माण में पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों का मशवरा एवं सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कौशल विकास योजना के अन्तर्गत युवाओं को क्षेत्र विशेष की आवश्यकता एवं परिस्थिति के अनुरूप हुनर सिखाए जाने पर बल दिया।
    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद के पास एवं आईएसओ 9000 के लिए आवेदन करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने स्वच्छता मिशन के तहत् कूड़ा-कचरा प्रबंधन एवं रिसाईकलिंग की व्यापक व्यवस्था सृजित करने का सुझाव भी दिया।
 इस दौरान उपायुक्त कांगड़ा सीपी वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहा है। उन्होंने समिति को जिला में चल रही विभिन्न विकास गतिविधियों की प्रगति से अवगत करवाया। उन्होंने कूड़ा-कचरा प्रबंधन एवं रिसाईकलिंग की व्यवस्था सृजित करने के संदर्भ में भी जानकारी दी कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस प्रकार की व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समिति द्वारा दिये गये सुझावों एवं निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी।
 जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना के निदेशक मनीष कुमार ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ रिचा वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
बैठक में समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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