बच्चों को बताए एड्स के खतरे और मौलिक कर्तव्य
बच्चों को बताए एड्स के खतरे और मौलिक कर्तव्य

बच्चों को बताए एड्स के खतरे और मौलिक कर्तव्य-

विश्व एड्स दिवस पर प्रदान की महत्वपूर्ण जानकारी-
सुनामी ब्यूरो कुल्लू/मंडी(राजीव)-
विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य पर वीरवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से राजकीय माध्यमिक पाठशाला गांधीनगर में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव मोहित बंसल ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोहित बंसल ने बताया कि एड्स एक लाइलाज बीमारी है और आम लोगों की जागरूकता ही इस गंभीर बीमारी को फैलने से रोक सकती है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में आम नागरिक को कुछ मौलिक अधिकार दिए गए हैं लेकिन इनके साथ ही देश व समाज के प्रति नागरिकों के विभिन्न कर्तव्यों का भी उल्लेख किया गया है। हमें इन कर्तव्यों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा किसी न किसी रूप में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। शिविर के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया और उन्हें कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यध्यापिका निशा शर्मा ने शिविर के आयोजन के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया।

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