सूजीत मिश्रा सिट्टी/विमल पाण्डेय-:-कौशाम्बी/सिराथू
मुकद्दर के सिकन्दर,विजयरथ पर सवार बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य के लिए चुनौती बन गए है सैदुररब ।
बीजेपी और केशव की नाक बन चुकी सिराथू 251 विधानसभा सीट जो उपचुनाव में बीजेपी ने सपा के हाथों गवाँ दी थी
बसपा उम्मीदवार सैदुररब सबसे बड़ी चुनौती दिख रहे है। गौरतलब है की सपा ने अभी अपना उम्मीदवार नही उतारा है साथ ही यह भी नही तय की सपा कितने उम्मीदवार इस सीट पर उतारेगी
कांग्रेस का जनाधार न के बराबर है और वर्तमान विधायक सपा से वाचस्पति के जनाधार का बड़ा हिस्सा बसपा से है और बीजेपी के उपविजेता सन्तोष पटेल की बिरादरी के अतरिक्त अन्य वोटों पर पकड़ अच्छी नही है।
स्वर्ण समाज में ब्राम्हण अपना प्रतिनिधित्व चाहता है 35 हज़ार मुस्लिम मतदाताओं में रब को लेकर रस्साकसी जरूर है लेकिन माजिद अली सहित तमाम अन्य पार्टी नेताओँ की अपेक्षा रब की मुस्लिम मतदाताओ में पकड़ अच्छी मानी जा रही है । साथ ही स्थानीय बड़े नेता इंद्रजीत सरोज का दलित होना रब के लिए फायदेमंद है। साथ ही रब का कोई गन्दा या अपराधिक इतिहास भी नही हैं ।
: अब ऐसे में अगर बीजेपी ने जमीनी हक़ीक़त को तरजीह न दी तो सिराथू में फिर से बसपा का परचम लहरा सकता है।
सैदुररब वाचस्पति और बीजेपी के बीच मुकाबला कड़ा होगा लेकिन अभी के हालात रब के पक्ष में दिख रहे हैं । 40 हज़ार ब्राम्हण इस विधानसभा में बड़ी अहमियत रखता हैं । कांग्रेस अपनी साख बचाने के लिए एक पूर्व मंत्री पर दांव खेल सकती है वही बीजेपी को भितरघात का सामना भी करना पड सकता हैं।

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