2017

नव वर्ष-नव वर्ष

बरसे बरस भर हर ओर पे हर्ष

हर शिखर को किजीए स्पर्श

स्वागत सत्कार किजीए आये सन दो हजार सत्तरा

गौरवपूर्ण,सफल,सरल रहे खुशमय हो आपकी यात्रा

कही मंद मंद मुस्कान कही छंद कही मात्रा

आपकी तन-मन में झलके खुशियो की अधिक मात्रा

नव वर्ष-नव वर्ष

बरसे बरस भर हर ओर पे हर्ष

हर मंजिल-लक्ष्य को किजीए स्पर्श

आनंद,मुस्कान,उल्लास की हो एहसास

नव आगंतुक वर्ष देता ही रहे हमे विश्वास

बहारो सी,उमंगो सी-खुशियों की झलके प्रकाश

कही आम कही जाम कही केले कही फूले खिले संतरा

खुशियो की खजाना मिले हर खजाना रहे वो गहरा

शहीदों की शहादत भूल ना पायेंगे,सिमा पे दुवाओ पे तब्दिल

होगी उनके एक एक बूंद खून की कत्तरा

सरहद पे सेना को समर्पित सन दो हजार सत्तरा

सफल कामयाबी मिले उन्हें पूर्ण हो उनकी हर यात्रा

नव वर्ष-नव वर्ष

बरसे बरस भर रस की तरह हर्ष

हर शिखर को हर पल पे किजीए स्पर्श

2016 भी पल-पल मुस्कान की दीये हमे परामर्श

उल्लास,उमंग,उत्साह की हो आज उत्कर्श

नववर्ष अदभुत चमत्कार रहे हर कोई अपनाये आदर्श

लक सभी की खुशियों की तरह भरे रहे लाकर्स

लगन परिश्रम सत्य से किजीए विचार विमर्श

नव वर्ष-नव वर्ष हर ओर हर पथ पे हर्ष

धन्यवाद

प्रभाकर शुक्ला

कोरबा छत्तीसगढ़img-20161224-wa0003

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