ग्रामीणों ने किया रमन के गोठ कार्यक्रम की सराहना
रमन के गोठ कार्यक्रम में पूछे गये सवाल का ग्राम कुशभाठा निवासी रामकृष्ण नायक दिया सही जवाब
बलौदा बाजार।  रमन के गोठ कार्यक्रम विकासखंड भाटापारा के ग्राम पंचायत अकलतरा, ग्राम पंचायत गाड़ाडीह, ग्राम पंचायत लच्छनपुर, ग्राम धौराभाटा, मोपकी सहित विकासखंड बलौदा बाजार, कसडोल, सिमगा, पलारी, बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय में किया गया। रमन के गोठ कार्यक्रम के दौरान पिछली कड़ी में पूछे गये सवाल का उत्तर सही देने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के ग्राम कुशभाठा निवासी रामकृष्ण नायक को मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह ने प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री निवास आमंत्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यापारियों, पान, सेलून, अंडे के ठेले लगाने वाले छोट-.छोटे व्यवसायियों द्वारा कैशलेस भुगतान को अपनाने पर खुशी जाहिर किया। डाॅ सिंह ने जानकारी दी कि नोटबंदी का तोहफा जनता को नए आवास ऋण की ब्याज दर में 3 से 4 प्रतिशत तक की कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दर भी घटा दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रबी फसल के लिए 60 दिन का ब्याज माफ करने, गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रूप, डी.बी.टी. के माध्यम से देने, वरिष्ठ नागरिकों को बैंक में स्थाई जमा पर 8 प्रतिशत ब्याज दर देने तथा लघु उद्योगों को 2 करोड़ रूपए की गारंटी देने की घोषणा भी की है। कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में मोर खीसा एप लांच किया है, जिसमें अपनी पसंद के विकल्प का इस्तेमाल कर कैशलेस भुगतान कर सकते हैं। वहीं जनता को सभी तरीकों का प्रशिक्षण देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में चलाये जा रहे अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी।
रमन के गोठ सुनने वाले ग्राम पंचायत अकलतरा के डॉ सेवाराम पाल, श्रीमती कौशिल्या ध्रुव पंच, मेंवालाल यादव, बी.सी. दिलीप कुमार साहू, धनेश ध्रुव, भूषण साहू, प्रेरक रामनाथ ध्रुव, सोनिया साहू, दिनेश साहू पंच, ग्राम धौराभाटा के प्रेरक ओमेश्वरी यादव ने छत्तीसगढ़ में कैशलेस भुगतान हेतु एप लांच करने पर हर्ष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह के प्रयास से राज्य के प्रत्येक वर्ग का विकास हो रहा है। आदिवासी बालक छात्रावास सिंगारपुर के अधीक्षक एमएल भट्ट, शिवर्मा, प्रेरक कनक मनहरे, छात्र भूपत सिंह, टिंकुराम, रामबली, भुनेश्वर, श्यामलाल, संदीप, राजाराम, फुलेश्वर, विष्णु, सुनील, पिताम्बर, विजय, पवन, चोवाराम, राहुल, मंगल, अमन आदि ने कैशलेस, ओडीएफ तथा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली लाभ तथा योजनाओं की जानकारी देने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रमन के गोठ कार्यक्रम के माध्यम से क्विज के माध्यम से युवाओं को पुरस्कार प्रदान किया जाना अच्छी पहल है। इससे युवाओं की प्रतिभा में निखार आयेगा।
यवकों की पहल से मरदा बना पूर्णतः कैशलेस ग्राम पंचायत
बलौदा बाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत मरदा के शिक्षित युवक दीपचंद साहू, फिरत राम साण्डे एवं दुकानों के द्वारा कैसलेस पद्धति को अपनाकर ग्राम पंचायत का जिले का प्रथम कैशलेस बनाने में सफलता प्राप्त की है। ग्राम मरदा के शिक्षित युवक दीपचंद साहू अपने जीवन यापन के लिये पान ठेला व्यवसाय चला रहा है। 8 नवबंर को नोटबंदी के कारण उसके पान ठेला से होने वाली आमदनी प्रभावित हुआ। नोटबंदी के पश्चात ग्रामीण नगदी हेतु एटीएम एवं बैंकों के चक्कर लगाते देखकर दीपचंद ने विशेष पहल करते हुए ग्रामीणों को कैशलेस भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराया। दीपचंद द्वारा छोटे से पान ठेले में कैशलेस भुगतान की सुविधा को देखकर ग्रामीण उन्हीं से सामग्री का लेन-देन करने लगा। ग्रामीण दीपचंद की सराहना कर रहा है। दीपचंद ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पेटीएम के माध्यम से कैशलेस भुगतान पद्धति को अपनाया। उनके इस पहल से अधिकांश ग्रामीण उनके पास आकर उनकी दुकान की सामग्री लेने के अलावा अन्य सामग्री भी मंगा रहे हैं, जिससे दीपचंद के व्यवसाय में बढ़ोतरी हुई। दीपचंद द्वारा ग्रामीणों के बैंक खाता से भुगतान एवं लेन-देन के अलावा उन्हें कैशलेस पद्धति से अवगत कराया भी जा रहा है। उनके प्रयास के चलते ग्राम के अन्य दुकानदार भी कैशलेस पद्धति को अपना रहे हैं।
डिजिटल सेवा केन्द्र मरदा के संचालक फिरत राम साण्डे द्वारा भी ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए कैशलेस पद्धति अपनाने आधार एनेबल्ड सिस्टम से भुगतान कराया जा रहा है। कैशलेस पद्धति को सरल एवं सहज बनाने हेतु फिरत राम आधार नंबर एवं बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग कर रहा है। उनके द्वारा ग्रामीणों के आधार नंबर एवं अंगूठा निशानी के माध्यम से लेनदेन कर रहा है। ग्राम मरदा का युवक मुकेश ओगरे ने बताया कि सरकार द्वारा पाॅच सौ एवं एक हजार के पुराने नोट बंद करने के पश्चात उन्हें चिल्हर के लिये भटकना पड़ रहा था। उन्होंने अपनी समस्या को लेकर डिजिटल सेवा केन्द्र मरदा पहुंचा जहाॅ से उन्हें नगद राशि प्राप्त हो गया। श्री फिरत राम साण्डे ने बताया कि डिजिटल सेवा केन्द्र के माध्यम से लगभग 3 लाख 15 हजार 70 रूपये का लेन देन किया जा चुका है। अब गांव के लोग बैंक न जाकर डिजिटल सेवा केन्द्र से ही रूपये प्राप्त कर रहे हैं।

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