बलौदाबाजार । वन मंडल के लघुवनोपज समिति बया एवं देवपुर में प्रबंधक की भर्ती में देवपुर लघुवनोपज के अध्यक्ष सोनाबाई बरिहा ने नियुक्ति कर्ताओ पर धांधली का आरोप लगाया है वही भर्ती प्रक्रिया में सदस्य होने के बाउजूद उनको अलग रखने एवं लेन-देन कर अपात्र की नियुक्ति करने की बात कही है ।

         लघुवनोपज समिति देवपुर के अध्यक्ष श्रीमती सोनाबाई बरिहा ने बताया कि देवपुर वन परिक्षेत्र के लघुवनोपज समिति बया एवं देवपुर में प्रबंधक पद के भर्ती के लिए दिसंबर में ज्ञापन जारी किया गया था । दस्तावेज की जाँच की गयी जिसमे बया समिति में सभी अभ्यर्थी अपात्र पाये गए । जिसके कारण बया समिति में भर्ती नहीं हो पाई ।लेकिन देवपुर समिति में 13 अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा किया था । जिसमे दस्तावेज की जाँच की गयी और 3 अभ्यर्थियों की अंको के हिसाब से जिला प्रबंधक को भेजी गयी । 24 दिसंबर को दावा आपत्ति के लिए  पात्र अपात्र सूचि जारी की गयी जिसका अंतिम सुनवाई तिथि 31 दिसंबर रखा गया था । जिसकी सुचना जिला कार्यालय से 29 की रात 11 बजे दी गयी । 30 दिसंबर को सम्बंधित अभ्यर्थियों को भेजा गया । जो की 31 दिसंबर को शनिवार होने के कारण निर्धारित समय में नहीं पहुच पाये ।
           अध्यक्ष सोनाबाई बरिहा ने बताया कि उक्त पात्र अपात्र सूचि में मेरा हस्ताक्षर नहीं लिया गया ,जबकि मैं चयन समिति का सदस्य हु । जिला प्रबंधक एवं उप प्रबंधक द्वारा मुझे धोखे में रखकर सूचि तैयार किया गया है । मैंने जो सूचि भेजी थी उसमें प्रथम में परमेश्वर पटेल कोसमसरा ,दूसरा गोरेलाल चौधरी पकरीद ,तीसरा ओमप्रकाश रात्रे पकरीद का नाम चयन कर भेजी थी । लेकिन पात्र / अपात्र सूचि में ओमप्रकाश रात्रे का नाम सूचि में पात्र की सूचि में डाल दिया गया बांकी को अपात्र घोषित कर दिया गया । समिति द्वारा सूचि तैयार करने से पहले मेरा हस्ताक्षर नहीं लिया गया और नहीं मुझे बताया गया । इस भर्ती प्रक्रिया में लघुवनोपज के जिला प्रबंधक एवं उप प्रबंधक द्वारा ओम प्रकाश रात्रे से लेन-देन कर गलत नियुक्ति की गयी है । भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की गयी है । जिला कार्यालय द्वारा जानबूझकर शनिवार का दिन नियत किया गया था जिससे की अभ्यर्थी जिला कार्यालय न पहुच पाये ।
             इस प्रतिनिधि ने जब नवागांव प्रबंधक  रामनाथ देवदास से सूचि 29 दिसम्बर को रात 11 बजे क्यों दिया गया के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि जिला कार्यालय से टंडन बाबु द्वारा मुझे सूचि देकर कहा कि आज ही इसे सम्बंधित समिति को पहचाना है । इसलिए मैं रात में ही अध्यक्ष के घर पहुचकर सूचि दिया हु । यहाँ यह बताना लाजमी है कि देवपुर लघुवनोपज के सोनाबाई  अनपढ़ है जो केवल हस्ताक्षर करना ही जानती है । उसे रात में हस्ताक्षर करवाने की क्या जरुरत थी । इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लघुवनोपज में किस प्रकार से नियमो को तक में रखकर भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है ।बहरहाल सोनाबाई बरिहा ने भर्ती को निरस्त करने की मांग की है ।

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