(शैलेश कुमार पाण्डेय )
लखनऊ. समाजवादी पार्टी में वि‍वाद के बीच मंगलवार सुबह अखि‍लेश यादव मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे। लेकिन, डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी मामला अटकता दिखा। मुलायम ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने, इलेक्शन कमीशन से सिंबल की दावेदारी वापस लेने, रामगोपाल को पार्टी से बाहर करने जैसे मुद्दों को उठाया। वहीं, अखिलेश ने भी अमर सिंह को पार्टी से निकालने और चुनाव में खुद को पार्टी फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर जोर दिया। बता दें कि इससे पहले दोनों गुटों के बीच 31 दिसंबर के बाद अब तक सुलह की सात कोशिशें हो चुकी हैं। लेकिन सभी नाकाम रही हैं। ये आठवीं कोशिश थी। किन मुद्दों पर अड़े दोनों…
 मुलायम ने अखिलेश के सामने ये 4 मुद्दे उठाए
1.राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद पर खुद को बरकरार रखने की बात कही।
2.इलेक्शन कमीशन से सिंबल को लेकर दायर की गई दावेदारी को वापस लेने को कहा।
3.रामगोपाल को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर करने की बात कही।
4.शिवपाल को प्रदेश अध्‍यक्ष बनाने के लिए कहा।
# अखिलेश ने ये शर्ते रखीं
1.राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और इस बार इलेक्शन में सीएम फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करें।
2. रामगोपाल की पार्टी में वापसी कराई जाए।
3.अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया जाए।
4.चुनाव तक नरेश उत्‍तम को प्रदेश अध्‍यक्ष पद पर रखने का कहा जाए।
मुलायम ने कहा था- अखिलेश ही होंगे अगले सीएम
समाजवादी पार्टी के साइकिल सिंबल पर दावेदारी को लेकर मुलायम सिंह यादव सोमवार को इलेक्शन कमीशन पहुंचे थे। इसके बाद रात को मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा था – समाजवादी पार्टी एक ही है। चुनाव के बाद अगले सीएम अखिलेश यादव ही रहेंगे। इसमें कोई कन्‍फ्यूजन नहीं है। समाजवादी पार्टी ना टूटी है और ना टूटेगी।
– इससे पहले मुलायम ने सोमवार सुबह कहा- “आप तो जानते हैं कि एक-दो लोग हैं, जिन्होंने हमारे लड़के को बहका दिया है। मेरी अखिलेश से काफी बात हुई। सुबह बात हुई। अब जा रहा हूं। देखता हूं, क्या कहता है?”
– “हमारे बीच कोई विवाद नहीं है। यह मामला मेरे और मेरे बेटे के बीच हैं। एक शख्स है जो मतभेद लाने की कोशिश कर रहा है। मैं जाते ही ठीक कर दूंगा।”
मुलायम ने आयोग से क्या कहा?
– न्यूज एजेंसी ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि मुलायम ने ईसी को बताया कि रामगोपाल यादव ने जो पार्टी का जो अधिवेशन बुलाया था, वह पार्टी के संविधान के मुताबिक नहीं था। इसलिए उसमें लिए गए फैसले वैध नहीं हैं।
– अमर सिंह और शिवपाल यादव के साथ मुलायम इलेक्शन कमीशन पहुंचे थे।
– इस बीच, मुलायम सिंह ने राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को लेटर लिखकर रामगोपाल यादव से राज्यसभा में एसपी के नेता का दर्जा वापस लिए जाने की मांग की है।
रामगोपाल ने कहा- ईसी सिंबल पर फैसला जल्द लें
– अखिलेश गुट की तरफ से रामगोपाल यादव ने ईसी से मुलाकात की।
– मीटिंग के बाद रामगोपाल ने बताया कि हमने इलेक्शन नजदीक होने का हवाला देते हुए ईसी से जल्द ही सिंबल पर फैसला लेने की अपील की है।
– हालांकि, उन्होंने मुलायम सिंह के किसी भी बयान पर कमेंट करने से मना कर दिया।
सीज हो सकता है सिंबल
– दोनों ही खेमे सिंबल को लेकर अड़े हैं। जानकारों का कहना है कि इलेक्शन कमीशन इस पर 17 जनवरी तक फैसला ले सकता है। जांच करने के लिए उसे वक्त चाहिए।
सुलह की 8 कोशिशें नाकाम
– 31 दि‍संबर 2016 :आजम खान ने अखि‍लेश यादव की मुलाकात मुलायम सिंह और शि‍वपाल यादव से करवाई।
– इसके बाद आपसी सहमति‍ की बात सामने आई। यह मान लि‍या गया कि‍ समझौते के बाद सारे वि‍वाद खत्‍म हो गए।
– सूत्रों के मुताबिक, मुलायम से हुई मीटिंग में अखिलेश ने अपनी 4 शर्तें रखी थीं।
#पहली शर्त: अखिलेश ने अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त करने को कहा।
#दूसरी शर्त: शिवपाल यादव को राष्ट्रीय राजनीति में भेजा जाए।
#तीसरी शर्त: टिकट बंटवारा मुलायम और अखिलेश की सहमति से हो। इसमें किसी तीसरे की दखलंदाजी न हो।
#चौथी शर्त: इसके अलावा टीम अखिलेश के बर्खास्त लोगों को भी पार्टी में वापस लिया जाए।
– लेकिन अखिलेश की ये शर्तें नहीं मानी गईं।
– 2 जनवरी: सपा के सिंबल पर दावेदारी के लि‍ए शि‍वपाल और अमर सिंह के साथ मुलायम चुनाव आयोग पहुंचे। वहां मुलायम से मि‍लने आजम खान पहुंचे, लेकि‍न उन्‍हें फोन पर मुलायम ने कहा कि‍ लखनऊ जा रहा हूं, वहीं बात होगी।
– 3 जनवरी:अखि‍लेश यादव ने मुलायम सिंह के घर पर जाकर मुलाकात की, पर बात नहीं बनी। अखि‍लेश की मांगें नहीं मानी गईं।
– 4 जनवरी: आजम के साथ मुलायम की 5 घंटे बातचीत हुई, लेकि‍न फिर भी समझौता नहीं हो सका। दरअसल, अमर सिंह को पार्टी से नि‍कालने के मुद्दे पर सहमति‍ नहीं बन सकी।
– 5 जनवरी: देर रात तक करीब 4 घंटे मुलायम, शि‍वपाल और अमर सिंह के बीच दि‍ल्‍ली में बातचीत हुई। लखनऊ लौटने पर मुलायम से रात को उनके भाई अभयराम ने भी मुलाकात की।
– 6 जनवरी: सुबह अखि‍लेश यादव से शि‍वपाल और अमर ने मुलाकात की।
– 8 जनवरी:रविवार की सुबह अखिलेश ने मुलायम को फोन किया था। मुलायम ने अखिलेश के सामने दो शर्तें रखीं थीं। पहली, वे नेशनल प्रेसिडेंट बने रहेंगे और दूसरी, शिवपाल प्रदेश अध्‍यक्ष बने रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों ही शर्तें अखिलेश ने नहीं मानी थी।
– 10 जनवरी:अखिलेश एक बार फिर मुलायम के घर मिलने पहुंचे। लेकिन बात नहीं बनी।

LEAVE A REPLY