कसडोल। अंचल के सुप्रसिध्द मातागढ़ तुरतुरिया मे लगने वाले तीन दिवसीय मेला प्रशासन के चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया, परन्तु मेले से प्रति वर्ष लाखों रुपये की राजस्व वसूलने वाली जनपद पंचायत कसडोल द्वारा इस वर्ष भी मेले में कोई व्यवस्था नहीँ की गई थी।मेले मे तैनात सुरक्षा कर्मियों सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों के लिए भी कोई व्यवस्था नहीँ होने के कारण उन्हें खाने ,पीने ,आवास की समस्या से जूझना पड़ा।

                कसडोल विकास खण्ड मुख्यालय से मात्र 25 कि मी की दूरी पर  बार नवापारा अभ्यारण्य के घने जंगलों के बीच अंचल के सुप्रसिध्द मातागढ़ तुरतुरिया स्थित है।ऊँचे पहाड़ी पर एवं नीचे के मंदिर में विराजमान काली माता की ख्याति संतानदात्री के नाम से दूर दूर तक फैली हुई है और लोग दूर दूर से अपनी अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए बड़े ही श्रद्धा के साथ यहाँ पर आते हैं और माता के सामने अपनी मिन्नतें पूरी करने की विनती करते हैं, मिन्नत पूरी हो जाने पर श्रद्धालु भक्त जन पुनः माता के दर्शन के लिए आते हैं और अपने मन्नत के अनुरूप चढ़ावा भेंट किया करते हैं।प्रति वर्ष पौष पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन जनपद पंचायत द्वारा किया जाता है।यहाँ पर लगने वाले मेले से जनपद पंचायत को हर साल लाखों रुपये की कमाई होती है।हर साल लाखों कमाने के बाद भी जनपद पंचायत द्वारा तुरतुरिया मे आने वाले दर्शना -र्थियों के लिए किसी तरह की कोई सुविधा उपलब्ध नहीँ कराई गई है।नीचे वाली मन्दिर एवं पहाड़ा वाली मे हर साल चैत्र एवं क्वांर नवरात्रि पर्व का भी आयोजन किया जाता है ,इस समय भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं ,साथ ही अब आवागमन की सुगम रास्ते बन जाने के बाद पूरे वर्ष भर श्रद्धालुजन आते रहते हैं।यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने ,पीने के पानी ,आदि की कोई समुचित व्यवस्था नहीँ होने के कारण पास से ही बहने वाली बालमदेहि नदी के गन्दे जल से गुजारा करना लोगों की मजबूरी बन गई है।आम लोगों की मांग पर कुछ साल पहले यहाँ पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग द्वारा एक बोर उत्खनन कराया गया था जिसमें सोलर पम्प लगाया गया है इस एक मात्र पम्प से मेले मे आए हजारों लोगों की प्यास बुझाने की बात करना बिल्कुल बेमानी है ।क्षेत्र के लोगों की मांग पर कसडोल क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने मातागढ़ तुरतुरिया जाने के लिए पक्की चौड़ी सड़क के लिए शासन से 15 करोड़ रूपये स्वीकृत कराए जाने सहित तुरतुरिया के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही थी।विधान सभा अध्यक्ष के घोषणा से क्षेत्र वासियों को उम्मीद हो चली थी कि वर्षों से उपेक्षित क्षेत्र के ऐतिहासिक ,पौराणिक ,दर्शनीय स्थल मातागढ़ तुरतुरिया का भी विकास द्रुतगति से होगा और यहाँ पर आने वाले दर्शनार्थियों को भी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी परन्तु विधान सभा अध्यक्ष के अन्य घोषणाओं पर अमल किया जाना तो अलग बात है सड़क के लिए उनके द्वारा 15 करोड़ शामिल कराए जाने की जानकारी दिए जाने के दो साल बाद भी अब तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारम्भ नही हो सका।क्षेत्रवासियों ने विधान सभा अध्यक्ष का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मातागढ़ तुरतुरिया के विकास के लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाने की मांग की है।

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