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’रमन के गोठ’’ में मुख्यमंत्री ने दिए विद्यार्थियों को सुझाव
बिलासपुर/12 फरवरी 2017/विद्यार्थियों के साल भर की पढ़ाई से ही परिणाम का पता चलता है। सार्टकट की रणनीति को छोड़कर लाॅग टर्न की रणनीति से विद्यार्थियों का रिजल्ट अच्छा होगा। हड़बड़ी में हिम्मत न हारे और गलत कदम नहीं उठाएं। असफलता से डरे नहीं। परीक्षा को लेकर कोई संशय या समस्या है तो फेसबुक पर संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने अपने गोठ में विद्यार्थियों को यह सुझाव दिया।
’’रमन के गोठ’’ के 18वीं कड़ी का प्रसारण आज किया गया। बिलासपुर के प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के बच्चों में यह गोठ सुनकर उत्साह का संचार हो गया है। छात्रावास में रहने वाले आशीष टेकाम, आदित्य मरावी, विष्णु भगत, कुलदीप मेश्राम, विनोद बिंझवार आदि बच्चों ने कहा कि साल भर पढ़ाई और मेहनत करने से ही अच्छे नंबरों से पास होंगे। इस बात से उन्हें सीख मिली है। छात्रावास में ही उड़ान योजना के तहत् दूरस्थ आदिवासी अचंल से आकर पढ़ाई कर रहे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चे मुकेश बैगा, राजेश कुमार बैगा, कमलेश बैगा ने पहली बार ’’रमन का गोठ’’ सुना। इन सभी बच्चों ने कहा कि वे अपने पढ़ाई में साल भर ध्यान लगायेंगे। छात्रावास में रहने वाले रतनपुर के छात्र मोहित कुमार कुलस्ते, कुलदीप मेश्राम को यह पता चला कि रतनपुर क्षेत्र के 100 से अधिक तालाब विश्व में अद्भूत स्थान रखते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे विश्व में चीन के एक स्थल के अलावा हमारे छत्तीसगढ़ के रतनपुर क्षेत्र ही ऐसा है जहां बहुत संख्या में तालाब हैं। गरियाबंद जिले के ग्राम रसेला की स्वसहायता समूह की महिलाएं सीएफ बल्ब बनाती है। यह जानकारी बच्चों को प्रेरणा दायक लगी कि कोई भी काम कठिन नहीं है और दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति से सब काम हो सकता है। दूरस्थ अंचलों में चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में सुनकर भी ये आदिवासी बच्चे प्रभावित हुए।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती गायत्री नेताम, छात्रावास अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में छात्रावास के बच्चे उपस्थित थे।

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