नवीन कुमार /नई दिल्ली :-द.दि.न.नि ने टैगोर गार्डन के एक स्कूल में बच्चों के लिए विज्ञान की एक नई दुनिया को आकार दिया है जिसमें बच्चों को प्रकृति के रहस्यों, प्रकृति के वास्तविक स्वरूप, वैज्ञानिक अनुसंधान, वैज्ञानिक क्रांति के लाभ और महान वैज्ञानिकों के जीवन से वास्तविक रूप से रू बरू होने का अनूठा अवसर मिल सकेगा। महापौर श्री श्याम शर्मा ने आज एक आयोजित समारोह में आर्यभट्ट 3डी थिएटर एवं सांइस म्यूजियम बच्चों को समर्पित किया। इस अवसर पर सांसद प्रवेश वर्मा, सदन के नेता सुभाष आर्य, शिक्षा निदेशक सुश्री मीता सिंह और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
इस अवसर पर श्री शर्मा ने कहा कि देश के सभी महानगरों में पहला ऐसा अतिआधुनिक, ज्ञानप्रद और अदभुत म्यूजियम दिल्ली में बनाया गया है जिसका निर्माण हमारे निगम ने किया है। उन्होेंने कहा कि इसका नामकरण हमारे प्राचीन वैभव के प्रतीक प्रसिद्ध खगोलविद आर्यभट्ट के नाम पर किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों मेंं न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खोज करने की भी प्रेरणा मिल सकेगी। महापौर ने कहा कि निगम ने इसका निर्माण करते हुए पृथ्वी, इसके वातावरण, अंतरिक्ष, ग्रहों, उपग्रहों, जंगलों, पर्वतों, समुद्रों आदि को वास्तविक स्थिति में प्रदर्शित करने के लिए विशेषज्ञों के साथ गहन विचार विमर्श किया। इसी आधार पर हम बच्चों के लिए वैज्ञानिक सत्य, तथ्य को 3डी में प्रस्तुत करने की अवधारणा को मूर्त रूप दे सके। उन्होंने कहा कि इस पर 3 करोड़ 33 लाख रुपये लागत आई है। इसकी तीन मंजिलों पर बच्चों के लिए सीखने, समझने, ग्रहण करने और महसूस करने के लिए अपार ज्ञान का प्रसार किया गया है।
सांसद श्री वर्मा ने कहा कि द.दि.न.नि ने दिल्ली में ऐसा आश्चर्यजनक म्यूजियम बनाया है जो बच्चों के लिए आने वाले कई वर्षां तक उपयोगी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़ी बात है कि एक साथ 300 बच्चे विज्ञान को एकाकार करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके तीन बहुउद्देशीय हाल बच्चों की वैज्ञानिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे।
श्री सुभाष आर्य ने कहा कि निगम ने इससे पहले अपने सभी विद्यालयों में एक एक विज्ञान कल्ब विकसित किया है। इसके हमें बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इस 3डी सभागार में बैठ कर बच्चे सही मायने में अंतरिक्ष की सैर कर सकेगे और समुद्र के अथाहजल के नीचे के जीवन का वास्तविक स्वरूप देखकर आनंद ले सकेगे। यहां बच्चों को हर प्रकार के प्राणियों की विशेषताओं, उनके जीवन के विकास और उनकी गतिविधियों का भी आभास मिलेगा। यही बैठ कर वे आंधी, तूफान, भूकंप और मूसलाधार वर्षा तथा हिमपात के नजारे भी देखेंगे।शिक्षा निदेशक सुश्री मीता सिंह ने कहा कि इस 3डी म्यूजियम को 7डी में बदलने की योजना है। उन्होंने बताया कि विज्ञान और कम्प्यूटर से संबंधित लाइब्रेरी भी बनेगी और देश और विदेश के महान वैज्ञानिकों के जीवन को 3डी आकार में दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह म्यूजियम ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा पर बनाई गई है और इसमें वर्षा जल संचय, बिजली की कम खपत वाले उपकरण लगाएं हैं। ये भवन भूकंप रोधी है और इसमें पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है।

LEAVE A REPLY