हिमाचल में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओें से जुड़ी ”किलकारी“ और ”मोबाइल एकेडमी“ सेवा शुरू
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारंभdscn9010
धर्मशाला, 8 अप्रैल: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गत सांय टांडा मेडिकल कॉलेज के सभागाार में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर एवं परिवहन मंत्री जीएस बाली की उपस्थिति में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओें से जुड़ी दो अनूठी योजनाओं के उपहार केन्द्र सरकार की ओर से हिमाचल को सौंपे। संचार सुविधा की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने वाली ये योजनायें हैं ”किलकारी“ और ”मोबाइल एकेडमी“। हिमाचल में ये योजनाएं पहली बार शुरू की गई हैं। कुछ समय पूर्व प्रथम चरण में कुछ चुनिंदा राज्यों में ये योजनाएं लागू की गई थीं।
इससे पूर्व, उन्होंने डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में 27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ”संेटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ“ तथा ”राष्ट्रीय वरिष्ठ जन स्वास्थ्य योजना“ के तहत 2.57 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्षेत्रीय जेरियाट्रिक केंद्र का शिलान्यास किया।
अपने सम्बोधन में जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि मोबाइल-स्वास्थ्य सेवाओं के साथ हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सेवाओं को डिजिटल बनाने के रास्ते पर यह एक नई पहल है। यह योजनायें सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा हैं तथा जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता और नागरिक केंद्रित स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम हैं। बढ़ते मोबाइल के इस्तेमाल के मद्देनजर यह सरकार की एक बड़ी पहल है।
जेपी नड्डा ने कहा कि ये मोबाइल स्वास्थ्य सुविधाएं स्वास्थ्य संचार में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं। इस तरह की सुविधाओं से हमें उन लोगों तक पहुंचने में मदद मिल रही है जिन्हें हमारी सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि ”किलकारी“ के तहत सीधे परिवारों के मोबाइल फोन पर गर्भावस्था, बच्चे के जन्म, बच्चों की देखभाल से जुड़े 72 ऑडियो संदेश गर्भावस्था की दूसरी तिमाही से लेकर बच्चे के एक साल का होने तक भेजे जाते हैं। वर्तमान में इससे 5.30 करोड़ महिलाओं को सीधा लाभ होगा। वहीं
क्या है किलकारी
गर्भ में शिशु और मोबाइल पर किलकारी। कुछ इसी तर्ज पर गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की मोबाइल पर जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने किलकारी योजना शुरू की है। इसके जरिए अब जच्चा की देखरेख के साथ लोग बच्चा पालने का गुर भी सीख सकेंगे। किलकारी सेवा की खासियत यह होगी कि इसके तहत बच्चों में कुपोषण, निमोनिया, पीलिया जैसे रोग के लक्षण एवं इन बीमारियों से बचाव की जानकारी के साथ बच्चे का नाम, जन्म की तारीख और उसका पता, प्रसूता के स्वस्थ रहने के टिप्स, संपूर्ण टीकाकरण, पोलियो, विटामिन खुराक की भी जानकारी दी जाएगी।
किलकारी योजना से जुड़ी गर्भवती महिलाओं के पास सप्ताह में एक बार निर्धारित महिला डॉक्टर का कॉल आएगा। वह गर्भवती एवं शिशु को जन्म दे चुकी महिलाओं को बच्चे के लालन-पालन और प्रसूता की सुरक्षा के संबंध में सलाह देगी। अगर कोई गर्भवती महिला फोन नहीं उठा रही है तो दिन में तीन बार कॉल आएगा। अगर एक दिन में भी फोन नहीं उठा तो लगातार तीन दिन तक फोन आता रहेगा। हालांकि, यह फोन कंप्यूटराइज्ड होगा। ऐसे में अगर किसी गर्भवती महिला को असुविधा हो तो वे फोन काट भी सकती हैं।
क्या है मोबाइल एकेडमी
मोबाइल एकेडमी एक निःशुल्क ऑडियो ट्रेनिंग कोर्स है जो कि आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को और बढ़ाने के मकसद से बनाया गया है। इस कोर्स के जरिए उनके संवाद कौशल को और बेहतर बनाया जाएगा। मोबाइल अकादमी अब मोबाइल फोन पर प्रशिक्षण देगी। इससे प्रशिक्षण किफायती और प्रभावी होगी। इससे प्रशिक्षण के लिए यात्रा करके आने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। अब कार्यकर्ता अपने घर पर रहकर या जिस जगह पर उन्हें सुविधानजक लगे, प्रशिक्षण ले सकेंगी।
टांडा का ट्रॉमा सेंटर होगा लेवल वन
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर का दर्जा बढाकर इसे लेवल वन किया जाएगा। उन्हांेेने इसके लिए प्रदेश सरकार से प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और परिवहन मंत्री जी.एस.बाली के अनुरोध पर टांडा के नर्सिंग कॉलेज के लिए अलग से भवन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा भेजे प्रस्तावों पर उनका विभाग तत्परता से कार्य करेगा।
हिमाचल उत्कृष्ट स्वास्थ्य मानकों में देश का अग्रणी राज्य: कौल सिंह ठाकुर
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के पदों को भरने के साथ-साथ ढांचागत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निरन्तर प्रयास कर रही है। प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा अद्यतन तकनीकों के साथ-साथ औषधीय उपचार एवं शल्य चिकित्सा के उच्च मानदंडों की पालना को सुनिश्चित बनाने की वचनबद्धता को कायम रखने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने में कभी समझौता नहीं किया।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसरंचना एवं पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने सहित ग्रामीण एवं कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थान खोलने एवं स्तरोन्नत करने पर विशेष बल दिया है। सरकार के सतत् प्रयासों से हिमाचल प्रदेश उत्कृष्ट स्वास्थ्य मानकों में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले लगभग साढे़ चार वर्षों के दौरान चिकित्सकों के 560 से अधिक पदों सहित नर्सों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के अनेकों पदों को भरा है। भारत सरकार से 567 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से चम्बा, हमीरपुर तथा नाहन में तीन और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। राज्य के लिए एक एम्स स्वीकृत किया गया है, जो बिलासपुर जिले में स्थापित किया जा रहा है। एम्स की स्थापना से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुदृढ़ होगी।
टांडा अस्पताल को बनाएंगे उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य संस्थान: जीएस बाली
खाद्य नागरिक आपूर्ति, परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने अपने संबोधन में टांडा अस्पताल में ”संेटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ“ और क्षेत्रीय जेरियाट्रिक केंद्र के शिलान्यास के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा को उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य संस्थान बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्हांेने इसके लिए केंद्र से भरपूर मदद प्रदान करने का अनुरोध किया।
जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों के फायदे के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। डिजीटल हिमाचल के संकल्प को साकार करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। परिवहन एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग में ई-सेवाओं को मजबूत किया गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज झलानी ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और इन योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक ओमा नंद, प्रदेश मेडिकल शिक्षा निदेशक डॉ. अनिल चौहान, एनएचएम हिमाचल के मिशन निदेशक पंकज राय, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य रमेश भारती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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