टीबी हारेगा,इंडिया जीतेगा।

हार-जीत का सवाल नहीं : अनुराग ठाकुर

TB उन्मूलन के लिए शुक्रवार को धर्मशाला में नेताओं व अभिनेताओं ने एक मंच पर इस गंभीर रोग के प्रति जागरुकता फैलाने का संकल्प लिया।

इस दौरान मुंबई हीरोज टीम के कप्तान बॉबी देयोल, सांसद अनुराग ठाकुर, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से एके झा, भारत में यूएसएआईडी के मिशन डायरेक्टर मार्क ए व्हाइट, द यूनियन संस्था के जोस लुइस कास्ट्रो और फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी, सोनू सूद और सोहेल खान मौजूद रहे। एचपीसीए के होटल द पवेलियन में आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोई भारतीय यह नहीं सुनना चाहता कि 14 हजार लोग टीबी की वजह से मौत की आगोश में समा जाते हैं। जबकि विश्व भर में टीबी रोगियों से 80 फीसद भारत में हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना देखा है, जिसे पूरा करने के लिए हर वर्ग को साथ आकर सहयोग करना होगा।

सांसदों व अभिनेताओं  के बीच  शनिवार को खेले जाने वाले मैच को लेकर अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस मैच में हार-जीत का सवाल नहीं है, बल्कि यह मैच टीबी को हराने के लिए खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान 1962 में चलाया गया था, लेकिन तब न तो आज के मुकाबले की दवाइयां थीं और न ही संचार के साधन थे। आज परिस्थितियां बदली हैं और यह संभव है कि हम टीबी को हरा सकते हैं। अनुराग ने कहा कि सोच बदलोगे तो देश बदलेगा और अब टीबी के खिलाफ हमें सोच बदलने की सख्त जरूरत है। स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग भारत सरकार के वित्त सचिव एके झा ने कहा कि टीबी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत 2000 करोड़ का बजट वित्त मंत्री द्वारा स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि तीन सूत्रीय कार्यक्रम के तहत इस पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें डॉक्टर्स स्वयं रोगी के पास जाते हैं, दूसरा फ्री ड्रग और फ्री डायगनोस और सभी वर्गों द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए सहभागिता जरूरी है।

अभिनेता बॉबी देयोल ने कहा कि TB मरीज के साथ भेदभाव किया जाता है।  छुआछूत की भावना से उनसे व्यवहार किया जाता है, जो कि बुरी बात है। उन्होंने कहा कि टीबी रोगी को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि इसका इलाज संभव नहीं होगा,जबकि इसका पूरा इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह अभिशाप है। यह बहुत दुख की बात है कि हम ऐसी बीमारी की वजह से अपना बहुमूल्य जीवन गंवा देते हैं, जिसका की इलाज संभव है। बाबी दियोल ने इस बात पर जोर दिया कि टीबी के रोगियों को निजी के वजाय सरकारी अस्पतालों में जाना चाहिए, क्योंकि सरकारी अस्पतालों के डाक्टर्स टीबी का इलाज करने में ज्यादा तुजुर्बा रखते हैं। सिने अभिनेता सोहेल खान ने कहा कि टीवी से होने वाली मौतों का आंकड़ा हैरान करने वाला है। मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि यह आंकड़ा कम कैसे होगा। सांसदों के खिलाफ मैच खेलने को लेकर सोहेल ने कहा कि टीबी के खिलाफ मैच के मंच पर हम सांसदों के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी साथ खेल रहे हैं।

TB के कारण किसी व्यक्ति की मौत  सहन नहींः व्हाइट

यूएसएआईडी के मिशन डायरेक्टर मार्क ए व्हाइट ने कहा कि सलाह और सहयोग हमेशा काम करते हैं। यह एक बहुत बड़ा मौका है कि सिनेमा और राजनीति के धुरंधर इस अभियान को सफल बनाने में आगे आए हैं। व्हाइट ने हालांकि मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि उन्हें क्रिकेट का कोई ज्ञान नहीं है और शायद शनिवार के मैच के बाद उनको क्रिकेट का भी कुछ ज्ञान हासिल हो।टीबी के खिलाफ यह एक अच्छी पहल है, जिसमें सभी को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। व्हाइट ने कहा कि टीबी के कारण किसी व्यक्ति की मौत होना हम अब सहन नहीं कर सकते। द यूनियन संस्था के जोस लुईस कास्त्रो  ने कहा कि टीबी के खिलाफ शुरू हुए अभियानों में यह पहला मौका है कि इतने सेलिब्रिटिज एक साथ एक मंच पर आए हैं। टीबी एक ऐसी बीमारी है जिससे मरने वालों का आंकड़ा किसी प्राकृतिक आपदा से मरने वाले लोगों से भी काफी अधिक है। प्राकृतिक आपदा से होने वाली मौतों को हम नहीं रोक सकते, लेकिन टीबी से होने वाली मौतों को हम रोक सकते हैं। कोई भी टीबी रोग से ग्रसित हो सकता है, इसलिए टीबी रोग के खिलाफ लड़ाई में सभी की भागीदारी होनी चाहिए।

अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि टीबी के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी जंग है। उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारे इससे पहले भी अन्य सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपना सहयोग दे चुके हैं, फिर वो चाहे कैंसर की बीमारी हो या एडस। उन्होंने टीबी मुक्त भारत के लिए मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर भी बल दिया। शेट्टी ने कहा कि 2000 करोड़ रुपए टीबी के खात्मे के लिए जारी किए हैं, यदि यह राशि पात्रों तक पहुंचती है तो निश्चित तौर पर टीबी खत्म हो जाएगा। सिने अभिनेता सोनू सूद ने कहा कि शूटिंग चलती रहती हैं, लेकिन वह सामाजिक कार्यों से ज्यादा जरूरी नहीं है। टीबी एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज संभव है, लेकिन जागरूकता की कमी होने के कारण यह बीमारी ज्यादा गंभीर हो गई है। टीबी को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां हैं, उन भ्रांतियों को हमें दूर करना होगा। शनिवार को होने वाला मैच सिर्फ शुरूआत है और ऐसे आयोजन साल में कई बार विभिन्न जगहों पर किए जाने चाहिए। यदि हम कुछ जिंदगियां भी बचा सकें, तो हमारे लिए गर्व की बात होगी।

img_20170407_165914_097

LEAVE A REPLY