बजाज हिंदुस्तान सुगर मिल इतई मैदा ऐव ,अन्य चीनी मिलों के धुएं और उससे निकलने वाले गन्दे पानी तथा रसायनों से पर्यावरण एवम पानी परदुसित हो रहा है। दूषित पानी पीने से जानवर एवम पंछियों पर जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे है। लेकिन मील के जनरल मैनेजर एवम मिल अधिकारी अतुल शुक्ल एवम पर्यावरण यंत्र विभाग का कहना है।कि मिल का गंदा पानी नही छोड़ा जाता है तथा फैक्ट्री में परियावरण में सभी यंत्र लगाए गए है जोकि दूषित पानी सुद्ध किया जाता है। वही दूसरी ओर प्रदूष्ण नियंत्रण बोर्ड चुप्पी साधे हुए है। किंतु मिल के आसपास का प्रदुषण इस बात का समर्थन नही करता है।छेत्र वासी डी. डी. सी. सदस्य चंद्रप्रकाश पांडेय डॉक्टर रामविलास वर्मा सत्यप्रकाश,ज्ञानप्रकाश पाठक ,कैलाशनाथ तिवारी ,आदि ने बताया कि चीनी मिल के आस पास के गांव या मिल से निकलने वाले धुएं अन्य रसायनों से लोगो का जीवन परभावित है सम्पूर्ण वातावरण इतना दुर्गन्ध युक्त है कि लोगो का सास लेना मुश्किल हो रहा है। चीनी मिलो के दूषित पानी से सांस लेना मुश्किल हो रहा है।चिनिमिल के गंदे पानी से भूगर्भ जल भी परदुसित हो रहा है जिससे तरह तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। काफी लोग इसके प्रदुषण से लोग रोग ग्रस्त भी हो रहे है। प्रशासनिक अधिकारियों के मिली भगत से चीनी मिलों पर प्रभारी नियंत्रण नही लग पा रहा है।जिससे लोगो मे आक्रोश व्याप्त है।
क्या है प्रदुषण-प्रदुषण पर्यावरण में दूसक पदार्थो के प्रवेश होने के कारण प्राकृतिक संतुलन में पैदा होने वाले दोष को प्रदुषण कहते है प्रदूसक परियवर्ण को एवम जीव जंतु को नुकसान पहुचते है।-प्रदुषण का अर्थ है हवा पानी मिट्टी आदि का आवंटित द्रवियों से दूषित होंना सजीवों पर प्रत्यक्ष रूप से बिपरीत प्रभाव पड़ता है तथा पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान द्वारा अन्य अप्रत्क्ष प्रभाव पड़ते है।वर्तमान समय मे पर्यावरणीय अवनयन का यह एक प्रमुख कारण है।
प्रदुषण से हानियाँ-वरिष्ठ चिकितशक डॉ.चंद्रप्रकाश ने बताया कि चीनी मिलों के प्रदुषण से आंख त्वचा पेट फेफड़ा संबंधी एवम अन्य कई गंभीर बीमारियों के होने की संभावना बनी रहती है।
क्या कहते है मिल अधिकारी-बजाज चीनी मिल के प्रबंधक पी.यस. चतुवेर्दी से बात की गई टी उन्होंने बताया चीनी मिल से कोई गंदा पानी नही बह रहा है हमने मानक के अनुसार फ़िल्टर एवम परियवर्ण नियंत्रण यंत्र मिल में लगा रखा है जिससे फ़िल्टर किया हुआ पानी बाहर जाता है
प्रदुषण नियंत्रण विभाग के छेत्रीय अधिकारी ए. के.श्रीवास्तव का कहना है कि चीनी मिल से दो प्रकार का प्रदुषण फैलता है। एक वायु प्रदुषण और दूसरा जल प्रदुषण लेकिन इसे रोकने के लिये चीनी मीलो को पर्याप्त दिशा निर्देश दिए गए है। मगर फिर भी हम इस मामले की पुनः जांच करेंगे।
डी. एम.बलरामपुर-राकेश कुमार मिश्र ने कहा-कि बजाज सुगर मिल इटई मैदा मिल के प्रदुषण की जानकारी प्राप्त हुई है ।अति सीघ्र ही सक्छम अधिकारी से जांच करा कर मिलो पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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