शहीदों के नाम पर राजनीति बंद करो..शहीद संजीवन राणा के परिवार ने कहा सरकार ने अपने वादों पर अमल नहीं कियाimg_20170421_175559_672

शाहपुर क्षेत्र के लोगों का दर्द गुस्सा बनकर फूट पड़ा और वो सड़को पर निकल पड़े। आज धर्मशाला जिलाधीश कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर अपनी व्यथा सुनाई।

शहीद संजीवन राणा के परिवार का कहना है कि सरकार सिर्फ खोखले वादे करती है। वीरभद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बोले कि आज तक सरकार और उनके नेताओं ने सिर्फ शहीदों के नाम पर राजनीति की है, झूठे वादे किए हैं। उन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि हम ऐसी सरकार का बहिष्कार करेंगे।

शहीद संजीवन राणा के परिवार ने आरोप लगाया कि नेताओं ने उनके साथ किए गए वादों पर अमल नहीं किया है। जिलाधीश को ग्याप्न सौंपने पहुंचे शहीद संजीवन के परिवार ने बताया कि शहीद संजीवन राणा के पार्थिव शरीर का संस्कार 4 जनवरी 2016 को हुआ था। जिसमें परिवहन मंत्री जी एस बाली, सामाजिक कल्याण मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल्य, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य, वन विभाग के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, नीरज भारती व अन्य नेता शामिल हुए थे। जिस शमशान घाट में संजीवन राणा का अंतिम संस्कार किया गया, उसकी दयनीय हालत देखकर जी एस बाली ने 3 लाख रुपए स्वीकृत किए , लेकिन कुछ कॉग्रेसी नेताओं के कारण आज तक ये काम नहीं हो पाया है। शहीद के परिवार ने बताया कि यह राशि ज्वाली तहसील, विकास खंड नगरोटा सूरियां से ट्रांसफर होकर पंचायत भाली में जमा हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वन विभाग के कर्मचारी कार्य को रोक रहे हैं।

आज तक शहीद संजीवन के परिवार को न तो नौकरी है और न ही उनके नाम का कोई शमशान घाट बना  है।

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