प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में हुए भ्रष्टाचार के विरोध में बिलासपुर-रायपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम ।

सुनामी एक्सप्रेस बिलासपुर ।

एक घंटे तक रहा यातायात बाधित, तहसीलदार ने स्वतंत्र एजेंसी से जाँच का दिया आश्वासन

 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में हुए भारी भ्रष्टाचार का मामला उजागर होते ही स्वतंत्र एजेंसी से  मामले की जाँच करवाने की मांग को ले कर अंकित गौरहा ने जिला प्रशासन को पूर्व में दिए गए उग्र आंदोलन की  चेतावनी के तहत  आज बिलासपुर-रायपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया।

इस संबन्ध में प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत बिलासपुर जिले में निर्मित सड़को के नविनीकरण निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग कर शासन को लगभग 7 करोड़ो रूपये का चूना लगाने के मामले में विभागीय जांच के लिए आदेश पारित किया गया था।  परंतु इस मामले में शिकायतकर्ता अंकित गौराहा ने बताया कि वर्तमान में जो जाँच अधिकारी बनाए गए हैं वो उसी विभाग से संबंधित हैं इस लिए उनके द्वारा जाँच किए जाने पर जाँच मे संशय कि स्थिति बनी रहेगी,  इसके विरोध में स्वतंत्र एजेंसी से जाँच कि मांग को ले कर चक्का जाम कर एक घंटे तक बिलासपुर-रायपुर मार्ग अवरुद्ध किया गया। उल्लेखनीय है की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् विगत पांच वर्षों से मस्तूरी मरवाही एवं तखतपुर विकास खण्डो में भ्रष्टाचारी ठेकेदारो को योजनांर्तगत सड़क निर्माण का कार्य दिया गया था जहां एक साल के भीतर हीं सड़को की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी थी। बावजूद इसके की घटिया सड़क निर्माण के पश्चात उन्ही सड़को के मेन्टेनेंस के लिए जो प्रावधान बनाए गए थे जिसका पालन नही किया गया तथा सभी बातों को नजरअंदाज़ करते हुए विभाग और ठेकेदारो द्वारा मामले में गलती छुपाते हुए सड़को का नविनीकरण का कार्य दुबारा उसी ठेकेदार को दिया गया। जिसके बाद विभागीय अधिकारी ठेकेदार को संरक्षण प्रदान करने में अपनी अहम भूमिका निभाने लगे और फर्जी बिल बनाने में सहयोग देकर शासकीय राशि के बंदरबांट करने का लाभ उठाते रहें। जबकी विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदारो के बीच आपसी सांठगांठ से शासन को करोड़ो रूपय का चूना लगाया गया है। यहीं नही घटिया सड़क निर्माण होने के बावजूत नविनीकरण कार्यो के लिए लगभग 7 करोड़ की राशि स्वीकृती प्रदान करने में बिना किसी प्रकार की टेस्ट रिपोर्ट जमा की गई तथा फर्जी तरीके से करोड़ो का भुगतान कराने में जो कृत्य किए गए है उससे  घोर भ्रष्टाचार का प्रमाण मिलता है।

मामले के फर्जीवाड़े में अधिकारियों से मिलिभगत कर प्रदेश में प्रचलित मुख्य दो ठेकेदारो ने योजना के तहत् फर्जी बिल बनाकर शसकीय राशि का बंदरबाट करने में कोई कसर नही छोड़ी है। वर्ष 2011 से 2016 तक दोनो ठेकेदारो द्वारा मस्तूरी मरवाही एवं तखतपुर विकास खण्डो में जितनी भी सड़को का निर्माण किया गया है उक्त सभी सड़को का भैतिक सत्यापन एवं सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के अधार पर अवलोकन करने से मामले में चैकाने वाले खुलासे हुए है। यही नही विगत पांच वर्षो में लगातार किए गये भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अनियमित्ता के सापेक्ष विभाग में पदस्थ अधिकारी और ठेकेदारों के घरो पर जब एन्टी करप्शन ब्यूरो एवं इनकम टैक्स की टीम द्वारा संयुक्त छापेमार कार्यवाई की गई तब इनके घरो से कारोड़ो रूपये की बेनामी संपत्ति और लाखो की नगदी राशि के मिलने का खुलासा भी हुआ है। मालूम हो की संबंधित ठेकेदारो द्वारा बनाई गई सभी सड़के सालभर के भीतर ही जर्जर होने लगी थी जिनपर किसी प्रकार की शसकीय कार्यवाही नही की गई। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2010-11 से वर्ष 2016-17 तक नवीनीकरण का तथा पैकेज क्रमांक C.G 02-73 के अंतर्गत तखतपुर व बिल्हा मे सड़कों का निर्माण कार्य किया गया है जिसमें घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण अधिकतम सड़कें जर्जर हो गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् 13वें वित्त आयोग व राज्य मद से किए गए नवीनीकरण के कार्यों में विभाग के अधीक्षण अभियंता ए.के.राही व कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा, शुभनारायण पाठक, वरूण राजपूत, सहायक अभियंता लोलेन एक्का, सी.एल.भारद्वाज, सीमांत तिवारी, उपअभियंता रिचा साही, मीरा सिंह नेताम, रविशचंद्र साहू, चंद्रकांत शुक्ला द्वारा ठेकेदारों से मिलीभगत कर लगभग सात करोड़ रूपये से अधिक की राशि गबन कर फर्जी बिल का भुगतान किया।  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन यंत्री और ठेकेदारो के बीच हुए बंदरबांट को छत्तीसगढ जनता कांग्रेस के युवा नेता अंकित गौराहा द्वारा सुचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के आधार पर विभागिय भ्रष्टाचार के तहत् मामले में चैकाने वाले खुलासे किए गए हैं। श्री गौरहा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग में 6 वर्षों से इन्फ्राबिल्ट प्रा.लि. एवं बिटुमैक कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. को निरंतर लाभ पहुचाया गया है। मोटी कमाई करने के लिए 10 करोड़ रूपये से अधिक का ठेका सिर्फ दो ठेकेदारों को दिया गया। इन दोनो फर्म द्वारा बनाए गए रोड एक वर्ष के अल्प समय में ही जर्जर हो चुकी हैं। फिर भी विभाग मनमानी करने से बाज नहीं आया। अधिकारियों से सेटिंग होने के कारण ठेकेदारों को आसानी से टेंडर मिल जाता है। वे अपने ही बनाए सड़कों की फिर से नवीनीकरण के नाम पर भारी भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जबकि विगत वर्ष  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पूर्व कार्यपालन अभियंता के यहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने छापामार कार्रवाई की। इस बीच इंकमटैक्स विभाग द्वारा अग्रवाल इंफ्राबिल्ट के संचालक रामावतार अग्रवाल के घर व दफ्तर में मौजूद दस्तावेजों को खंगाला गया जहां करोड़ो की अघोषित संपत्ति जब्त की गई थी। भाजपा शासित छग राज्य में ठेकेदारों को मालामाल करने का खेल उपर से चल रहा है। वैधानिक कार्यप्रणाली रिश्वत के दलदल में फंस चुकी है। प्रशासन विवादों में आने के बाद भी ठेका कंपनी को खुली लूट के लिए दे चुकी है। भाजपा की रमन सरकार प्रारंभ से ही रिश्वतखोरी के मामले में देश में अपना स्थान शीर्ष पर ला चुकी है। जिससे केंद्र में बैठी हुई सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है। इस मामले को तूल पकड़ते देख कार्यपालन अभियंता वरुण राजपूत के छोटे भाई डीम्पू  राजपूत ने शिकायत करता अंकित गौरहा को पहले तो पैसे का प्रलोभन दिया फिर बात ना बनने पर मामले को रफा-दफा करने को कह कर जान से मारने की धमकी दे डाली। जिसके विरोध आज बिलासपुर-रायपुर मुख्य मार्ग पर एक घंटे तक चक्का जाम किया गया जिसके बाद आंदोलनकारियो को तहसिलदार ए.के गुप्ता के द्वारा स्वतंत्र एजेंसी से जाँच के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त किया गया जिसमे  मुख्य रुप से विकास दुबे, भूपेन्द्र सिंह, बंटी खान,  प्रदेश सचिव गुल्नाज़ खान, शहर अध्यक्ष फारुख खान  , प्रशांत त्रिपाठी राहुल पहुचेल, बेलतरा अध्यक्ष दौलत यदव,  सत्यशिव तिवारी, सुखदेव साहू, लव पांडेय,  मुकेश दुबे,  सुमित महाजन, राजेश कोसले,  अजय सिंह ,  समिर खान,  विकास यादव, आशीष रावत, पवन जयसवाल, सागर मंगेश्कर, सुमित श्रिवास, अख्तर खान, राजकुमार साहू , संजू खांडे, सचिन धिवर, तेज सिंह गौतम, इमरान जोगि, शिंकु खनूजा  सहित भारी संख्या में युवा उपस्थितimg-20170530-wa0001 रहें।

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