बिलासपुर विश्वविद्याल के कुलपति की नियुक्ति रोक दी गयी है। राजभवन ने बकायदा आदेश जारी कर कुलपति की नियुक्ति पर रोक लगायी है। दरअसल भोजपुरी अध्ययन केंद्र, बीएचयू के समन्वयक प्रो. सदानंद शाही की बिलासपुर विश्वविद्यालय में कुलपति पद पर नियुक्ति किया गया है। नियुक्ति….. के बाद से ही विवाद बढ़ने लगा था.. खासकर एवीबीपी ने नियुक्ति को लेकर मोर्चा खोल दिया था.. और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर राजभवन तक और दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी थी। एवीबीपी का आरोप था कि नवनियुक्त कुलपति अर्हताओं को पूरा नहीं कर रहे हैं। कुलपति पद के लिए प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 साल की योग्यता मांगी गई थी, जबकि प्रो. शाही अभी दस साल नहीं पूरा किए हैं। साथ ही रिसर्च साइंटिस्ट ग्रुप `सी` को प्रोफेसर के समकक्ष बताए जाने पर भी सवाल खड़ा किया है। बिलासपुर में भी कुछ संगठनों ने प्रो. शाही की नियुक्ति पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था। एवीबीपी ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार उचित कार्रवाई नहीं करती है तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

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