खसरा-रूबेला का खात्मा करेगी एमआर वैक्सीन-
नौ माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों का होगा टीकाकरण-
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में आयोजित की कार्यशाला-
सुनामी ब्यूरो कुल्लू/मंडी (राजीव)-
मीजल्स यानि खसरे और रूबेला की बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रदेश भर में मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां आरंभ कर दी हैं। कुल्लू जिला में इस अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व निजी स्कूलों के प्रमुखों ने भी भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. विक्रम कटोच ने बताया कि एमआर टीकाकरण अभियान का लक्ष्य वर्ष 2020 तक दोनों बीमारियों का उन्मूलन करना है। भारत में इस अभियान के पहले चरण में पांच राज्यों तमिलनाडू, कर्नाटक, गोआ, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में नौ माह से 15 वर्ष तक की आयु वाले तीन करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। इन राज्यों में उक्त आयु वर्ग के 97 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया गया है। दूसरे चरण में हिमाचल प्रदेश सहित आठ राज्यों के बच्चों का टीकाकरण होगा। कुल्लू जिला के लगभग डेढ लाख बच्चों सहित हिमाचल के करीब बीस लाख बच्चे एमआर अभियान में कवर किए जाएंगे। पहले ही खसरे का टीका लगवा चुके बच्चों को भी नए टीके लगाए जाएंगे। डा. कटोच ने कहा कि खसरा-रूबेला उन्मूलन का यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान होगा। उन्होंने बताया कि खसरा व रूबेला से पीड़ित बच्चों में मृत्यु दर का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका रहती है। इन बीमारियों के कारण सालाना 50 हजार से एक लाख तक बच्चे मौत के मुंह में चले जाते हैं। एक सर्वे के मुताबिक विश्व में खसरे व रूबेला के लगभग 36 प्रतिशत मामले भारत में पाए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबद्ध वरिष्ठ डाॅक्टर एवं एमआर अभियान के कुल्लू-मंडी के प्रभारी डा. उर्विन शाह ने बताया कि जिला में इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। अभियान के सही मूल्यांकन व निगरानी के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो सके। डा. शाह ने बताया कि अभियान की शुरुआत स्कूलों से की जाएगी, क्योंकि इनके माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा सकेगा। टीकाकरण अभियान के जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. रमेश गुलेरिया ने कहा कि अभियान की तैयारियां अगले माह तक पूरी कर ली जाएंगी और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। इसके बाद अगस्त-सितंबर से व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान आरंभ कर दिया जाएगा।

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