मनाली में धारा 144 लोकतंत्र की हत्या जैसा कदम,

सुनामी ब्यूरो, राजीव: मनाली में दो महीनों के लिए धारा 144 लोकतंत्र की हत्या जैसा कदम है । इस मुद्दे पर एस डी एम् मनाली चारों तरफ से घिरते नजर आ रहे हैं । न सिर्फ टैक्सी चालक, बल्कि स्थानीय लोग और विधायक ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । मनाली के विधायक गोविंद ठाकुर ने कहा कि जनता के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा । प्रशासन की नाकामी के चलते ही मनाली में ये हालात पैदा हुए थे । टैक्सी यूनियन नहीं बल्कि प्रशासन अपने वायदे से पीछे हटा है । उन्होंने कहा कि सरकार तो मनाली के साथ अनदेखी कर ही रही है कांग्रेस के स्थानीय नेता भी बेलगाम हो प्रशासन का साथ दे रहे हैं । विधायक ने कहा कि मनाली में ऐसे कौन से दंगे हो रहे हैं कि यहां पर धारा 144 लगानी पड़ी । लेकिन अब स्थानीय लोग भी इसके विरोध में खड़े हो गए हैं उधर मनाली के विधायक गोविन्द ठाकुर का कहना है कि मनाली की वादियों में देश भक्त लोग रहते हैं, इसलिए धारा 144 का यहां कोई काम नहीं । धारा 144 लगाकर प्रशासन ने मनाली के साथ अन्याय किया है ।

विधायक ने कहा कि प्रशासन तुरंत धारा 144 को वापस ले

अभी तक तो सब शांत चल रहा था, लेकिन एस डी एम् मनाली का यह कदम यहां के लोगों को भड़काने बाला कदम है । इससे पहले भी कई बार मनाली में हड़ताल हुई लेकिन कभी कोई तोड़फोड़ जैसी घटना सामने नहीं आई । लोग अपना विरोध शांतिपूर्वक तरीके से व्यक्त करते हैं जो लोकतंत्र में उचित भी है । लेकिन मनाली के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लोगों को भड़काने बाली कार्यबाही इस शांत शहर की ख़ामोशी तोड़ने बाला कदम है । बेहतर होता अधिकारी इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाने की कोसिस करते न कि तानाशाही दिखाते हुए डंडे के जोर पर कुचलने का प्रयास करते ,क्यूंकि लोकतंत्र में शांतिपूर्वक आवाज उठाने का पूरा हक़ है, जिसे कुचला नहीं जा सकता ।

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