विशेष/सुजीत मिश्रा
(राज्य ब्यूरो सुनामी)–
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या को विधानसभा चुनाव लड़ना है जिसके लिए लगभग सारी तैयारी हो चुकी है।
केशव अपने ग्रह जनपद की सिराथू(251) (जहा से पहली बार (2012) मे विधायक बने थे) से चुनाव लड़ने वाले है।

2012 मे एक नजर-
चुनाव के समय विधानसभा क्षेत्र मे दो सामप्रदायिक घटनाएँ घटी जिसमें भाजपा नेताओं का नाम सामने आया था।

अब एक नजर (2012) परिणामों पर–

1-केशव प्रसाद मौर्या बीजेपी -मत-57926 (30.40 प्रतिशत)

2-आनंद मोहन पटेल बसपा -मत-48063 (25.22प्रतिशत)

3-कैलाश केशरवानी समाजवादी पार्टी -मत-32309 (16.96प्रतीशत)

4-फरीद खान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस-मत-20890 (10.96प्रतिशत)

5-इशतियाक अहमद (लाला कसाई) अपनादल 9527 (5.00 प्रतिशत)

9863 मतो(5.2 प्रतिशत) से उस समय केशव प्रसाद ने जीत दर्ज की थी
जब बहुजन के विरोध मे जनता मतदान कर रही थी।

2014 आम चुनाव मे केशव प्रसाद लोकसभा चुन कर चले गये उसके बाद हुए

उप चुनाव (2014)
मे–

बसपा ने भाग नही लिया परिणाम–
1-वाचसपति पासी- सपा 79540
2- संतोष पटेल-बीजेपी 55018
चुनाव हार गई बीजेपी जबकि पूरे देश मे लहर चल रही थी।

अब एक नजर 2017 आम चुनाव पर–

1-शीतला प्रसाद पटेल बीजेपी-78621
2-वाचसपति सपा-52418
3-सईदुररब-बसपा-43782
4-आशीष मौर्या-बमुपा-4453
बीजेपी लहर मे बिना किसी खास राजनीतिक पृष्ठभूमि के शीतला चुनाव जीत गये.

आज के हालात–

सबसे पहले आपको बतादे की यहाँ 1लाख से अधिक पासी मतदाता है .साथ ही 40-45 हजार ब्राह्मण, पटेल, जाटव बड़ी भूमिका निभाते है।
वही 25-30हजार मुस्लिम, मौर्या व 15 हजार वैश्य, यादव भी बड़ा रोल निभाते है।

आज केशव प्रसाद मौर्या उपमुख्यमंत्री है इसका लाभ उन्हें चुनाव मे मिलना तय है लेकिन पटेल बिरादरी के चुने प्रतिनिधि को हटा कर चुनाव लडना उन्हें महँगा पड सकता है
एसे मे एकजुट विपक्ष -पटेल उम्मीदवार (आनंद मोहन पटेल) को उतार खेल बदल सकता है।
वही (सहारनपुर हिंसा) के चलते गैर जाटव दलित भी फिर से बसपा का रूख कर सकते है।
कुछ ब्राह्मण भी सरकार के खिलाफ मतदान कर सकते है।
अगर विपक्ष एक उम्मीदवार उतारता है तो
केशव को बहुत मुश्किल होगी ।
2012 को देखे या 2014 अगर सीधी लड़ाई हुईं तो मुकाबला निश्चित ही मजेदार होगा
एसे मे खबर है की पूर्व मंत्री श्री इन्द्रजीत सरोज चुनाव लड सकते है। इस लहर मे भी वो महज 4000 से अपनी परंपरागत सीट हारे थे।