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नवीन कुमार / नई दिल्ली :-   द.दि.न.नि के जनस्वास्थ्य विभाग ने आज सिविक सेंटर मेें मच्छर जनित बिमारियों  के बारे में जागरूकता विकसित करने के लिए एक कार्यशाला आयोजित की। इसमें दो विशषज्ञों ने मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के कारणों, लक्षणों, बचाव के उपायों, सरकारी स्तर पर उपलब्ध सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यशाला में महापौर कमलजीत सहरावत ने विचार रखे। इस अवसर पर उपमहापौर श्री कैलाश सांकला, स्थायी समिति के सदस्य भूपेंद्र गुप्ता, विपक्ष के नेता रमेश मटियाला, अपर आयुक्त डाॅ. दिलराज कौर, निगम स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बी.के हजारिका, कई पार्षद, लगभग 50 आर.डब्ल्यू.ए के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण और बचाव के लिए एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
 महपौर कमलजीत सहरावत ने कहा कि मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया इंसान की लापरवाही से फैलता है। इनसे बचाव करना बहुत आसान है लेकिन अपने घर और आस पास मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए गंभीरता से कोशिश करनी होगी। उन्होंने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और मादा मच्छर दिन  के समय एक साथ कई लोगों को काटता है। मलेरिया का मच्छर रात में वार करता है। हम अगर अपने घर और आस पास बर्तन, टायरों, कूलरों और गमलों आदि में पानी जमा न होने दे और नियमित तौर पर सफाई कर पानी जमा होने वाले बर्तन आदि को सूखने दें तो इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। हमारे निगम ने लोेगों में जागरूकता विकसित करने के लिए गंभीर प्रयास किये हैं। हम चाहते हैं कि इस काम में पार्षद और आर.डब्ल्यू.ए के प्रतिनिधि सहयोग दे और अपने अपने इलाकोें में जागरूकता फैलायें। उन्होंने कहा कि अकेले सरकारी एजेंसियां इस पूरी जिम्मेदारी को अकेले नहीं निभा सकती इसलिए आप सब का सहयोग जरूरी है।
महापौर ने कहा कि डेंगू से घबराने के आवश्यकता नहीं है हालांकि डंेंगू और चिकनगुनिया का कोई उपचार नहीं हैै। डेंगू होने पर घर पर ही इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। डंेगू होने पर केवल पेरासिटामोल लें और पानी की कमी न होने देंगे । डेंगू से मरने वालों का अनुपात कम होता जा रहा है। पहले 100 रोगियों पर 3 की मृत्यु होती थी जबकि अब 100 रोगियों पर .2 प्रतिशत की मृत्यु होती है। डेंगू के हर मरीज को अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं होती और न ही हर मामले में प्लेटलैट की कमी होने पर प्लेटलैट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। महपौर ने कहा कि निगम ने बचाव की जानकारी देने के लिए हर एक माध्यम का इस्तेमाल किया है। रेडियो, टी.वी, मुनादी, पर्चे, पोस्टर, होडिंग, बैनर, आटो टिप्पर और थ्री व्हीलर से भी प्रचार किया जा रहा है। 1800112260 हेल्पलाइन शुरू की है जो मरीजों के लिए मद्दगार है। निगम ने डी.बी.सी वर्करों को पहचान पत्र, वर्दी और टेबलेट प्रदान की है ताकि वे अपना काम सुचारू रूप से कर सके और लोगों को उनकी पहचान में कोई आशंका न हो। हमें मच्छरों के खिलाफ लड़ाई जीतनी है और दिल्ली के निवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा करनी है। महपौर ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी भी देखी। कार्यशाला में राष्ट्रीय मच्छर जनित रोग नियंत्रण निदेशालय के डाॅ. सैन और दिल्ली सरकार में मच्छर जनित बीमारियों के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. एस.एम. रहेजा ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

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