हिमाचल प्रदेश:जिला कारागार में मनाया गया नेल्सन मंडेला डे

18 जुलाई ;नेल्सन मंडेला बहुत हद तक महात्मा गांधी की तरह अहिंसक मार्ग के समर्थक थे। उन्होंने गांधी को प्रेरणा स्रोत माना था और उनसे अहिंसा का पाठ सीखा था।मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 में हुआ था। मंडेला दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत भूतपूर्व राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति बनने से पूर्व वे दक्षिण अफ्रीका में सदियों से चल रहे रंगभेद का विरोध करने वाले अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस और इसके सशस्त्र गुट उमखोंतो वे सिजवे के अध्यक्ष रहे। रंगभेद विरोधी संघर्ष के कारण उन्होंने 27 वर्ष रॉबेन द्वीप के कारागार में बिताये जहाँ उन्हें कोयला खनिक का काम करना पड़ा था। 1990 में श्वेत सरकार से हुए एक समझौते के बाद उन्होंने नये दक्षिण अफ्रीका का निर्माण किया। वे दक्षिण अफ्रीका एवं समूचे विश्व में रंगभेद का विरोध करने के प्रतीक बन गये।

संयुक्त राष्ट्रसंघ ने उनके जन्म दिन को नेल्सन मंडेला अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया

इस उपलक्ष्य पर धर्मशाला जिला कारागार में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ कई अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। इसमें लोकसंपरबारे।भाग, प्रैस सदस्य व अन्य ने कारागार में मिलकर मनाया गया और सुशील कुमार जेल प्रबंधक द्वारा नेल्सन मंडेला की उपलब्लिधयों के बारे में जेल में बंद कैदियों सहित सबसे अपने विचार सांझा किए और इस दिन की अहम भूमिका के बारे में सबको बताया। पौधारोपण व कई खेलों का भी आयोजन जेल में किया गया ।जेल सुधार की कार्यशाला का खास आयोजन किया गया ।

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