नवीन कुमार /नई दिल्ली :-द.दि.न.नि की महापौर कमलजीत सहरावत ने आज द.दि.न.नि के स्कूलों के प्रधानाचार्याें को सिविक सेंटर  में दो अलग अलग बैठकों में संबोधित किया। उन्हांेंने प्रधानाचार्याें कोे कहा कि वे दिल्ली सरकार के प्रतिभा विद्यालयों और केंद्र सरकार के नवोदय विद्यायलों की प्रवेश परीक्षा के लिए बच्चों को तैयार करने के निर्देश दिये ताकि उनका भविष्य बेहतर बन सके। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि वे बच्चों की सोच में परिवर्तन लाने के लिए मेहनत करें ताकि बच्चे प्रकृति के बारे में जानकर कम हो रहे प्राकृतिक संसाधनों के परिरक्षण के लिए काम कर सकें। इन बैठकों में 581 प्रधानाचार्य, स्थायी समिति के सदस्य भूपेंद्र गुप्ता, शिक्षा समिति के तीन नव निर्वाचित सदस्य और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 महपौर ने शिक्षा विभाग से कहा कि वह बच्चों को स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल की प्रेरणा दें। उन्होंने कहा कि बाल दिवस समारोह अध्यापकों और बच्चों समेत समस्त शिक्षा समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इन समारोहों में अभिभावकों को भी बुलाया जाना चाहिए ताकि वे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता समझ सकंे। महापौर ने कहा कि द.दि.न.नि के विद्यालयों को 21वी शताबदी के शिक्षा ग्रहण करने के केंद्रों में बदलने की आवश्यकता है।श्री गुप्ता ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूल में लगे बोर्ड पर सभी सूचनाओं और  सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दें। उन्होेंने विभाग से कहा कि वर्षा जलसंचय प्रणाली और प्रोजेक्टर हर एक स्कूल में काम कर रहे होने चाहिएं। श्री गुप्ता ने कहा कि मिड डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि भोजन मे कुपोषण और अन्य वस्तुओं के होने की घटनाए नहीं हांे। श्री गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में स्वच्छता पर पूरा ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छता के काम में शामिल होने और समाज को यह संदेश देने की प्रेरणा दी जानी चाहिए। अपर आयुक्त और शिक्षा निदेशक सुश्री मीता सिंह ने प्रधानाचार्यों से बच्चों का रोल मॉडल बनने और समय पर आने और समय की कीमत पहचानने की शिक्षा देने के निदेश दिये। उन्होंने कहा कि वे बच्चों में अनुशासन और ईमानदारी की आदतें विकसित करंे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानाचार्य स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के रख रखाव पर पूरा जोर दें।

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