नवीन कुमार /नई दिल्ली :- राष्ट्रीय मंत्री व पूर्वी दिल्ली सांसद महेश गिरी ने तीनों निगमों के एकीकरण हेतु सभी भाजपा विधायकों को पत्र लिखा। सांसद ने पत्र द्वारा विधायकों से निवेदन किया कि तीनों निगमों को पुनः एक करने हेतु अपने स्तर पर इस विषय को विधानसभा में उठाए तथा इसके हेतु विधानसभा में प्रस्ताव रखें।
सांसद ने बताया कि निगम के एकीकरण हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख चुका हूँ तथा जल्द ही उनसे समय लेकर तीनों निगमों के एकीकरण व दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने हेतु हस्तक्षेप का निवेदन करूगां। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री के समक्ष भी अपने स्तर पर निगम एकीकरण मामले को रखूंगा।
ज्ञात हो कि अभी हाल ही में उन्होंने संसद सदन में दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का मामला उठाया था। सांसद ने कहा था कि वर्ष 2012 में दिल्ली की काग्रेंस सरकार द्वारा अपने राजनीतिक  लाभ पंहुचाने को प्राथमिकता देते दिल्ली नगर निगम को 3 हिस्सों में बांट दिया गया था। 74वां संशोधन नगरीय प्रशासन को दुरूस्त बनाने एवं निगमों को अधिक शक्ति प्रदान करता है ताकि वे अधिक राजस्व प्राप्त कर सके एवं सुचारू रूप से व्यवस्था चला सके। परन्तु इस विभाजन के हो जाने से इस संविधान संशोधन में निमित्त शक्तियों का प्रयोग अच्छें तरीके से कर पाना मुश्किल है।सांसद ने कहा कि दूसरी ओर वर्तमान की दिल्ली सरकार भी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने में असमर्थ है तथा दिल्ली की जनता को बदतर व्यवस्था में गुजर बसर करना पड़ रहा है। सड़क, पीने के पानी आदि जैसी मूलभुत सुविधाएं भी सही प्रकार से लोगों को नही मिल पा रही है। नालों में गिरकर लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। और तो और अब लगभग 50 हजार छात्रों के भविष्य के खिलवाड़ करते हुए दिल्ली सरकार ने कालेज का फंड रोक दिया है, जो बेहद खेद का विषय है। कहां एक और दिल्ली सरकार ने चुनाव में कई वायदें किए थे जिनमें एक यह भी वायदा था कि दिल्ली को बेहतर शिक्षा का क्षेत्र बनाया जाएगा वहीं नए कालेज तो खोलना दूर-खुले हुए कालेज भी बंद होने के कगार पर है।
सांसद ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली की व्यवस्था काफी दयनीय है। देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली को साफ रखना व जनहीत सुविधाओं से परिपूर्ण व व्यवस्थित बनाना अति आवश्यक है।

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